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ताजिये रखते ही शुरू हो जाएगी जियारत
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:48 PM IST
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अलीगंज में निकाले गए अलम
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एटा। रविवार को माह-ए-मुहर्रम की दस तारीख है। हजरत इमाम हुसैन की याद में गमगीन माहौल में शनिवार शाम को जगह-जगह ताजिये रखे जाएंगे। इनको सोमवार की सुबह इन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा। शहर में मुस्लिम समाज के युवाओं में ताजिया बनाने को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है।
हजरत इमाम हुसैन की शहादत के पर्व मुहर्रम को गमगीन माहौल में मनाया जाता है। शनिवार शाम को शहर में दर्जनभर स्थानों पर ताजिये रखे जाएंगे। शहर के रेवाड़ी मोहल्ला, मारहरा दरवाजा, किदवईनगर, होली मोहल्ला और इस्लामनगर में ताजियों को सजाया जाएगा। ताजिया बना रहे जीशान बताते हैं कि वे हर साल मुहर्रम पर ताजिये बनाते हैं। ताजियों के जरिए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया जाता है। ताजिया बनाने में थर्माकॉल, फेवीकॉल, किरकिरा, रंगीन कागज, पन्नी और रंग-बिरंगे मोतियों का इस्तेमाल किया जाता है। वारिस कहते हैं कि शहर में मुहर्रम पर्व पर ताजियों का जुलूस नहीं निकाला जाता, इसलिए ताजियों को सजाकर उन्हें रख देते हैं। जिनको देखने के लोगों की भीड़ उमड़ती है। एक दिन रखने के बाद ताजियों को अगले दिन सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाता है।
कासगंज/सहावर।
हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजियों का जुलूस रविवार को निकाला जाएगा। मुहर्रम के जुलूस के लिए ताजियों को बनाने एवं सजाने का काम मुस्लिम समाज के लोगों के द्वारा किया जा रहा हैं। वहीं प्रशासन ने भी जुलूस के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
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मुहर्रम की नौ तारीख यानी शनिवार को ताजियों को इमामबाड़ा और चौकियों पर रख दिया जाएगा। ताजियों के रखते ही मुस्लिम जियारत शुरू कर देंगे। मुहर्रम के जुलूस के लिए अखाड़ाबाजों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह जुलूस में करतब दिखाएंगे। मुहर्रम के जुलूस के लिए प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रविवार को करबाला में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा। गंजडुंडवारा, बिलराम, अमांपुर, सिढ़पुरा, भरगैन, मोहनपुर, गनेशपुर में मुहर्रम का जुलूस निकाला जाएगा। जबकि सहावर में सोमवार को मुहर्रम का जुलूस निकाला जाएगा।
पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पर्वों पर शांति व्यवस्थाएं बनाए रखने और शांति समिति की बैठकें पहले की जा चुकी हैं। मुहर्रम के चलते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
फोटो प्रेषित है।
अलम के जुलूस में उमड़ा सैलाब
अलीगज। मुहर्रम की नौ आठ तारीख को यानी शुक्रवार को मोहल्ला काजी से संयुक्त रूप से अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस मे हिंदू मुस्लिम समाज के लोगों ने भाग लिया। शक्रवार को मोहल्ला काजी से गंगा दरवाजा, मैन बाजार, खानकाह, अंसारी से होता हुआ मोहल्ला किलेदारान, टपकनटोला, गांधी मूर्ती चौराहे, एटा रोड से मोहल्ला काजी पर समाप्त हुआ। अलम उठाने में बच्चों में काफी उत्साह दिखाई दिया। नवासा-ए-नबी इमाम हुसैन की शहादत की याद में अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में जुनैद मियां, मुनव्वर खां, असलम खा, हनीफ खां, शव्वन खां, लकी खा, रिजवान, तारिक मियां, खलीफा, नूर हसन, गुड्डू खां, शकील, भोले खां, नईम राईन, लईक मियां, दिलशाद अहमद, तनवीर खां, अनवर उस्ताद मौजूद रहे।
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हजरत इमाम हुसैन की शहादत के पर्व मुहर्रम को गमगीन माहौल में मनाया जाता है। शनिवार शाम को शहर में दर्जनभर स्थानों पर ताजिये रखे जाएंगे। शहर के रेवाड़ी मोहल्ला, मारहरा दरवाजा, किदवईनगर, होली मोहल्ला और इस्लामनगर में ताजियों को सजाया जाएगा। ताजिया बना रहे जीशान बताते हैं कि वे हर साल मुहर्रम पर ताजिये बनाते हैं। ताजियों के जरिए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया जाता है। ताजिया बनाने में थर्माकॉल, फेवीकॉल, किरकिरा, रंगीन कागज, पन्नी और रंग-बिरंगे मोतियों का इस्तेमाल किया जाता है। वारिस कहते हैं कि शहर में मुहर्रम पर्व पर ताजियों का जुलूस नहीं निकाला जाता, इसलिए ताजियों को सजाकर उन्हें रख देते हैं। जिनको देखने के लोगों की भीड़ उमड़ती है। एक दिन रखने के बाद ताजियों को अगले दिन सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाता है।
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कासगंज/सहावर।
हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजियों का जुलूस रविवार को निकाला जाएगा। मुहर्रम के जुलूस के लिए ताजियों को बनाने एवं सजाने का काम मुस्लिम समाज के लोगों के द्वारा किया जा रहा हैं। वहीं प्रशासन ने भी जुलूस के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
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मुहर्रम की नौ तारीख यानी शनिवार को ताजियों को इमामबाड़ा और चौकियों पर रख दिया जाएगा। ताजियों के रखते ही मुस्लिम जियारत शुरू कर देंगे। मुहर्रम के जुलूस के लिए अखाड़ाबाजों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह जुलूस में करतब दिखाएंगे। मुहर्रम के जुलूस के लिए प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रविवार को करबाला में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा। गंजडुंडवारा, बिलराम, अमांपुर, सिढ़पुरा, भरगैन, मोहनपुर, गनेशपुर में मुहर्रम का जुलूस निकाला जाएगा। जबकि सहावर में सोमवार को मुहर्रम का जुलूस निकाला जाएगा।
पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पर्वों पर शांति व्यवस्थाएं बनाए रखने और शांति समिति की बैठकें पहले की जा चुकी हैं। मुहर्रम के चलते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
फोटो प्रेषित है।
अलम के जुलूस में उमड़ा सैलाब
अलीगज। मुहर्रम की नौ आठ तारीख को यानी शुक्रवार को मोहल्ला काजी से संयुक्त रूप से अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस मे हिंदू मुस्लिम समाज के लोगों ने भाग लिया। शक्रवार को मोहल्ला काजी से गंगा दरवाजा, मैन बाजार, खानकाह, अंसारी से होता हुआ मोहल्ला किलेदारान, टपकनटोला, गांधी मूर्ती चौराहे, एटा रोड से मोहल्ला काजी पर समाप्त हुआ। अलम उठाने में बच्चों में काफी उत्साह दिखाई दिया। नवासा-ए-नबी इमाम हुसैन की शहादत की याद में अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में जुनैद मियां, मुनव्वर खां, असलम खा, हनीफ खां, शव्वन खां, लकी खा, रिजवान, तारिक मियां, खलीफा, नूर हसन, गुड्डू खां, शकील, भोले खां, नईम राईन, लईक मियां, दिलशाद अहमद, तनवीर खां, अनवर उस्ताद मौजूद रहे।