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खोदाई में निकला गौतम बुद्ध की मूर्ति का सिर
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खोदाई में मिला पत्थर का सिर ।
- फोटो : अमर उजाला
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राया (मथुरा)। गांव पिरसुआ में परशुराम मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए की जा रही खोदाई के दौरान एक मूर्ति का सिर मिला है। यह सिर बुद्ध प्रतिमा की मूर्ति का बताया जा रहा है। लोग इसे देखने के लिए मंदिर स्थल पर पहुंच गए। भीड़ जुटने लगी, लेकिन किसी ने इसकी सूचना पुरातत्व विभाग को नहीं दी है।
कस्बा राया के निकटवर्ती गांव पिरसुआ में परशुराम मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके लिए शनिवार को नींव की खोदाई की जा रही थी। इसी दौरान नींव में एक सिरनुमा आकृति दिखाई दी। मजदूरों ने इसे जमीन से निकाला। सिर प्राचीन पत्थर से बना है। आकृति पर मुकुट भी है। होंठ और उसके नीचे का कुछ हिस्सा टूटा हुआ है। आंखें खुली हुई हैं या फिर बंद, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि यह किसी प्रतिमा का हिस्सा न होकर सिर्फ सिर प्रतीत हो रहा है।
उधर, आसपास के गांवों से भी लोग इसे देखने के लिए यहां पहुंचने लगे। गांव निवासी हाकिम शर्मा ने बताया कि यह किसी मूर्ति का सिर है। यह प्राचीन व कीमती पत्थर से निर्मित है। इसे सुरक्षित रख लिया गया है। किसी पुरातत्व विभाग के अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं दी गई है। राजकीय संग्रहालय के निदेशक डा.एसपी सिंह ने कहा ऐसी कोई जानकारी उन्हें नहीं मिली है।
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सैंकड़ों वर्ष पहले बसा था गांव
राया। पिरसुआ गांव सैकड़ों वर्ष पहले बसा था। यहां 50 वर्ष पूर्व ब्राह्मण समाज के लोगों ने भगवान परशुराम के मंदिर का निर्माण कराया था। वर्तमान में मंदिर काफी जर्जर हो गया है। गांव के ब्राह्मण समाज के लोगों ने बैठक की और चंदा एकत्रित किया। इससे मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराया गया है।
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कस्बा राया के निकटवर्ती गांव पिरसुआ में परशुराम मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके लिए शनिवार को नींव की खोदाई की जा रही थी। इसी दौरान नींव में एक सिरनुमा आकृति दिखाई दी। मजदूरों ने इसे जमीन से निकाला। सिर प्राचीन पत्थर से बना है। आकृति पर मुकुट भी है। होंठ और उसके नीचे का कुछ हिस्सा टूटा हुआ है। आंखें खुली हुई हैं या फिर बंद, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि यह किसी प्रतिमा का हिस्सा न होकर सिर्फ सिर प्रतीत हो रहा है।
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उधर, आसपास के गांवों से भी लोग इसे देखने के लिए यहां पहुंचने लगे। गांव निवासी हाकिम शर्मा ने बताया कि यह किसी मूर्ति का सिर है। यह प्राचीन व कीमती पत्थर से निर्मित है। इसे सुरक्षित रख लिया गया है। किसी पुरातत्व विभाग के अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं दी गई है। राजकीय संग्रहालय के निदेशक डा.एसपी सिंह ने कहा ऐसी कोई जानकारी उन्हें नहीं मिली है।
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सैंकड़ों वर्ष पहले बसा था गांव
राया। पिरसुआ गांव सैकड़ों वर्ष पहले बसा था। यहां 50 वर्ष पूर्व ब्राह्मण समाज के लोगों ने भगवान परशुराम के मंदिर का निर्माण कराया था। वर्तमान में मंदिर काफी जर्जर हो गया है। गांव के ब्राह्मण समाज के लोगों ने बैठक की और चंदा एकत्रित किया। इससे मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराया गया है।