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ओवरलोड फीडरों को दो हिस्से में बांटकर दी जाएगी बिजली
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मथुरा। भीषण गरमी में मथुरा शहर के ज्यादातर फीडर ओवरलोड चल रहे हैं। सुबह 11 से सायं चार बजे तक व रात को ज्यादातर फीडर ओवरलोड हो रहे हैं। 24 घंटे बिजली आपूर्ति को लेकर ओवरलोड फीडर का चिन्हीकरण किया जा रहा है।15 से अधिक फीडरों को दो भागों में बांटकर अलग-अलग बिजली आपूर्ति की जाएगी।
औरंगाबाद स्थित 132 केवी बिजलीघर पर ओवरलोडिंग के चलते आए दिन ब्रेकर व सीटी फटती रहती हैं। वहीं, बंगालीघाट व कैंट बिजलीघर पर पांच से अधिक फीडर ओवरलोड बने रहते हैं। मथुरा फर्स्ट व सेकेंड फीडर को छोटा कर दो-दो भागों में बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी तरह लक्ष्मीनगर बिजली घर से कारब पचावर फीडर को तोड़कर सिहोरा तक ही रखा है।
कारब और पचावर को पचावर में बने नए बिजलीघर से जोड़ा गया है। नगला ताज के लिए भी अलग फीडर लाइन दी गई है। एक्सईएन एके पांडेय ने बताया कि शहर के बंगालीघाट, कोतवाली क्षेत्र, जवाहरहाट, डेंपियर नगर, द्वारिकाधीश मंदिर इलाके का फीडर आदि चिंहित किए गए हैं। इनको भूमिगत केबिल लाइन में अलग अलग फीडर लाइनों से बिजली देने की योजना है। अफसरों का मानना है कि इससे ट्रिपिंग की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
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औरंगाबाद स्थित 132 केवी बिजलीघर पर ओवरलोडिंग के चलते आए दिन ब्रेकर व सीटी फटती रहती हैं। वहीं, बंगालीघाट व कैंट बिजलीघर पर पांच से अधिक फीडर ओवरलोड बने रहते हैं। मथुरा फर्स्ट व सेकेंड फीडर को छोटा कर दो-दो भागों में बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी तरह लक्ष्मीनगर बिजली घर से कारब पचावर फीडर को तोड़कर सिहोरा तक ही रखा है।
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कारब और पचावर को पचावर में बने नए बिजलीघर से जोड़ा गया है। नगला ताज के लिए भी अलग फीडर लाइन दी गई है। एक्सईएन एके पांडेय ने बताया कि शहर के बंगालीघाट, कोतवाली क्षेत्र, जवाहरहाट, डेंपियर नगर, द्वारिकाधीश मंदिर इलाके का फीडर आदि चिंहित किए गए हैं। इनको भूमिगत केबिल लाइन में अलग अलग फीडर लाइनों से बिजली देने की योजना है। अफसरों का मानना है कि इससे ट्रिपिंग की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
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