{"_id":"5cfbecf7bdec220773767b4c","slug":"156001406411-agra-news2","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपना बनकर रह गया प्रधानमंत्री आवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपना बनकर रह गया प्रधानमंत्री आवास
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। प्रधानमंत्री का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री आवास जिले के लोगों के लिए सपना बनकर रह गया है। आलम यह है कि जिले में दो साल में महज 450 आवास जियो टैगिंग कर पूर्ण हो चुके हैं। जबकि तमाम लाभार्थी किस्तों के लिए तरस रहे हैं। योजना के तहत किस्त नहीं मिलने से आवासों का काम अधर में लटक गया है। वहीं जिले को नए वित्तीय वर्ष के लिए 2687 आवास बनवाने फिर से लक्ष्य मिल चुका है। ऐसे में गरीबों को छत देने की योजना सवालों के घेरे में है।
जिले में साल 2016 से शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 5958 आवास स्वीकृत हो चुके हैं। मगर जमीन पर अब तक 450 आवास ही उतर सके हैं। योजना के तहत तीन चरणों में लाभार्थी को किस्त दी जाती है। शुरुआत में योजना के तहत आनलाइन आवेदनों के जरिये लाभार्थियों का चयन किया गया था। इसमें 1494 आवेदकों को अपात्र घोषित कर दिया गया। दो साल बाद भी जिले मेें हजारों आवेदकों के आवास पूरे नहीं हो सके हैं। बताया जाता है कि अब तक महज 450 आवासों की ही जियो टैगिंग हो सकी है। ऐसे में योजना को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नए आवासों को मांगे आवेदन
शासन ने जिले को नए वित्तीय वर्ष में 2687 आवास बनवाने का लक्ष्य दिया है। इसके बाद नगरीय विकास अधिकरण डूडा ने पात्रों से आवेदन मांगे हैं। इसके लिए तीन लाख रुपये वार्षिक आय और खुद की जमीन होने पर 2.50 लाख रुपये विभाग की ओर से दिए जाएंगे।
विज्ञापन
कहते हैं आंकड़े
5958 आवास किए गए थे स्वीकृत
2476 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त
1961 लाभार्थियों को मिली दूसरी किस्त
184 लाभार्थियों को मिली तीसरी किस्त
450 आवास पूर्ण होने के बाद की गई जियो टैगिंग
2687 आवासों का नए वित्तीय वर्ष को लक्ष्य
योजना के तहत प्रक्रिया वार काम पूरा करने पर लाभार्थी को किस्त देने का प्रावधान है। जो लाभार्थी काम पूरा कर लेता है, उसे सत्यापन के बाद अगली किश्त दी जाती है। जल्द से जल्द आवास पूरे कराने का प्रयास किया जा रहा है। नए लक्ष्य के बाद आवेदन मांगे गए हैं।
सुभाष वीर सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा
विज्ञापन
जिले में साल 2016 से शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 5958 आवास स्वीकृत हो चुके हैं। मगर जमीन पर अब तक 450 आवास ही उतर सके हैं। योजना के तहत तीन चरणों में लाभार्थी को किस्त दी जाती है। शुरुआत में योजना के तहत आनलाइन आवेदनों के जरिये लाभार्थियों का चयन किया गया था। इसमें 1494 आवेदकों को अपात्र घोषित कर दिया गया। दो साल बाद भी जिले मेें हजारों आवेदकों के आवास पूरे नहीं हो सके हैं। बताया जाता है कि अब तक महज 450 आवासों की ही जियो टैगिंग हो सकी है। ऐसे में योजना को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
नए आवासों को मांगे आवेदन
शासन ने जिले को नए वित्तीय वर्ष में 2687 आवास बनवाने का लक्ष्य दिया है। इसके बाद नगरीय विकास अधिकरण डूडा ने पात्रों से आवेदन मांगे हैं। इसके लिए तीन लाख रुपये वार्षिक आय और खुद की जमीन होने पर 2.50 लाख रुपये विभाग की ओर से दिए जाएंगे।
विज्ञापन
कहते हैं आंकड़े
5958 आवास किए गए थे स्वीकृत
2476 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त
1961 लाभार्थियों को मिली दूसरी किस्त
184 लाभार्थियों को मिली तीसरी किस्त
450 आवास पूर्ण होने के बाद की गई जियो टैगिंग
2687 आवासों का नए वित्तीय वर्ष को लक्ष्य
योजना के तहत प्रक्रिया वार काम पूरा करने पर लाभार्थी को किस्त देने का प्रावधान है। जो लाभार्थी काम पूरा कर लेता है, उसे सत्यापन के बाद अगली किश्त दी जाती है। जल्द से जल्द आवास पूरे कराने का प्रयास किया जा रहा है। नए लक्ष्य के बाद आवेदन मांगे गए हैं।
सुभाष वीर सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा