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एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है मांट-सकराया का पांटून पुल
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मांट (मथुरा)। मांट-सकराया को जोड़ने वाला यमुना पर बना पांटून पुल एक वर्ष से अधूरा पड़ा है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने इसे बनाने की एक वर्ष से सुध नहीं ली है। ग्रामीण नाव के सहारे या फिर पशु चराने वाले पशुओं की पूंछ पकड़ कर यमुना नदी को पार कर रहे हैं।
एक वर्ष से पुल का निर्माण नहीं हो सका है। यमुनापार के गांव बाबूगढ़, सकराया, छोटी आट्स, बड़ी आट्स, बिहारी नगला आदि गांवों के लिए तहसील मांट में आने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा प्रति वर्ष मांट में यमुना पर पांटून पुल बनाया जाता था, पिछले एक वर्ष से यह पुल अधूरा बना हुआ है। पुल का कुछ हिस्सा पानी में बह चुका है। अधूरा बना पुल यमुना में पानी के बीचोंबीच फंसा है। पुल न होने से किसान, पशु चराने वाले लोग नाव में बैैठ कर या फिर पशुओं की पूंछ पकड़ कर अपनी जान जोखिम में डाल कर नदी पार कर रहे हैं। मांट राजा निवासी गणपत सिंह ने बताया एक वर्ष से पुल टूटा हुआ है। शिकायतों के बाद भी अभी तक इसको बनाया नहीं गया है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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एक वर्ष से पुल का निर्माण नहीं हो सका है। यमुनापार के गांव बाबूगढ़, सकराया, छोटी आट्स, बड़ी आट्स, बिहारी नगला आदि गांवों के लिए तहसील मांट में आने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा प्रति वर्ष मांट में यमुना पर पांटून पुल बनाया जाता था, पिछले एक वर्ष से यह पुल अधूरा बना हुआ है। पुल का कुछ हिस्सा पानी में बह चुका है। अधूरा बना पुल यमुना में पानी के बीचोंबीच फंसा है। पुल न होने से किसान, पशु चराने वाले लोग नाव में बैैठ कर या फिर पशुओं की पूंछ पकड़ कर अपनी जान जोखिम में डाल कर नदी पार कर रहे हैं। मांट राजा निवासी गणपत सिंह ने बताया एक वर्ष से पुल टूटा हुआ है। शिकायतों के बाद भी अभी तक इसको बनाया नहीं गया है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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