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शहीद की मां को भी नहीं छोड़ा बैंक मैनेजर ने, रिश्वत के मांगे पचास हजार
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एटा। जिस बेटे की शहादत पर कुछ दिन पहले जनपद सहित पूरा देश गम में डूबा था। हर कोई उसके सौर्य के किस्से सुना रहा था। आज उसी की मां को भ्रष्टाचारी परेशान कर रहे हैं। शहीद बेटे के खाते मां नोमिनी है। उसके खाते में पड़ी रकम को ट्रांसफर करने के नाम पर उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। इसकी शिकायत उसने अलीगढ़ मंडल के अधिकारियों से की है।
थाना जलेसर के गांव रेजुआ निवासी राजेश यादव पुत्र नेम सिंह 57 राष्ट्रीय रायफल (आर्मी) में ड्यूटी के दौरान छह दिसंबर 2018 को श्रीनगर में शहीद हो गए थे। राजेश यादव का मुख्यालय स्थित पंजाब नेशनल बैंक में संचालित खाते में मां रामवती को नोमिनी (नामित) गया। रामवती का आरोप है कि बेटे की शहादत के बाद खाते में तीन लाख से अधिक पड़ी रकम को अपने खाते में ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया अप्रैल में शुरू की गई तो बैंक मैनेजर ओमप्रकाश ने 50 हजार रुपये की मांग की। 50 हजार रुपये रिश्वत देने से मना कर दिया, इसके बाद बैंक के मैनेजर ने काफी परेशान किया। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद बैंक मैनेजर की शिकायत, आयुक्त अलीगढ़ मंडल, जिलाधिकारी एटा सहित शासन से की गई।
शहीद की मां की शिकायत प्रार्थना पत्र के माध्यम से आयुक्त अलीगढ़ मंडल से की गई थी। शिकायती पत्र हमारे पास भी आया है और पीएनबी के उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। अभी तक मामले में क्या हुआ है अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। जल्द ही जानकारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप कुमार, एलडीएम
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थाना जलेसर के गांव रेजुआ निवासी राजेश यादव पुत्र नेम सिंह 57 राष्ट्रीय रायफल (आर्मी) में ड्यूटी के दौरान छह दिसंबर 2018 को श्रीनगर में शहीद हो गए थे। राजेश यादव का मुख्यालय स्थित पंजाब नेशनल बैंक में संचालित खाते में मां रामवती को नोमिनी (नामित) गया। रामवती का आरोप है कि बेटे की शहादत के बाद खाते में तीन लाख से अधिक पड़ी रकम को अपने खाते में ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया अप्रैल में शुरू की गई तो बैंक मैनेजर ओमप्रकाश ने 50 हजार रुपये की मांग की। 50 हजार रुपये रिश्वत देने से मना कर दिया, इसके बाद बैंक के मैनेजर ने काफी परेशान किया। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद बैंक मैनेजर की शिकायत, आयुक्त अलीगढ़ मंडल, जिलाधिकारी एटा सहित शासन से की गई।
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शहीद की मां की शिकायत प्रार्थना पत्र के माध्यम से आयुक्त अलीगढ़ मंडल से की गई थी। शिकायती पत्र हमारे पास भी आया है और पीएनबी के उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। अभी तक मामले में क्या हुआ है अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। जल्द ही जानकारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप कुमार, एलडीएम