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मारपीट के बाद धमकी देने वाले तीन लोगों को पांचा साल की सजा
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Decision of court
- फोटो : amar ujala
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एटा। शहर के वन चेतना केंद्र पर तैनात कैटल गार्ड कर्मचारी के साथ गालीगलौज कर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गालियां देना और उसे जान से मारने की धमकी देने वाले तीन लोगों को कोर्ट ने पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए जंगाली निवासी नगला ख्याली मिरहची ने पुलिस को बताया था कि वह शहर के वन चेतना केंद्र पर कैटल गार्ड के पद पर तैनात है। 12 जनवरी 2010 को वह वन चेतना केंद्र से डिप्टी रेंजर के पास शिकोहाबाद रोड पर जा रहा था। उसी समय रामवीर पुत्र गंगाप्रसाद, राजेंद्र पुत्र कल्यान एवं रामवीर पुत्र नाहर सिंह निवासी गंगनपुर ने उसके साथ जाति सूचक शब्दों की गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। कोर्ट की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर पुलिस जांच करते हुए घटना के साक्ष्य एवं गवाह कोर्ट में पेश कर दिए थे। उसी को लेकर मामले की सुनवाई एससीएसटी एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश खली कुज्जमा के समक्ष की गई। जहां आरोप सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है।
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कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए जंगाली निवासी नगला ख्याली मिरहची ने पुलिस को बताया था कि वह शहर के वन चेतना केंद्र पर कैटल गार्ड के पद पर तैनात है। 12 जनवरी 2010 को वह वन चेतना केंद्र से डिप्टी रेंजर के पास शिकोहाबाद रोड पर जा रहा था। उसी समय रामवीर पुत्र गंगाप्रसाद, राजेंद्र पुत्र कल्यान एवं रामवीर पुत्र नाहर सिंह निवासी गंगनपुर ने उसके साथ जाति सूचक शब्दों की गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। कोर्ट की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर पुलिस जांच करते हुए घटना के साक्ष्य एवं गवाह कोर्ट में पेश कर दिए थे। उसी को लेकर मामले की सुनवाई एससीएसटी एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश खली कुज्जमा के समक्ष की गई। जहां आरोप सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है।
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