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नहीं थम रहा डायरिया का कहर, 41 मरीज कराए गए भर्ती
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जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। जिले में संक्रामक मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। डायरिया का कहर हर तरफ नजर आने लगा है। जिला अस्पताल से लेकर झोलाछाप तक डायरिया के मरीजों की लाइन लगी हुई है। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ पहुंचने से उन्हें व्यवस्थित करने में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
मंगलवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल में 725 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इनमें सर्वाधिक संख्या डायरिया के मरीजों की थी। डायरिया से पीड़ित होने परे मंगलवार को जिला अस्पताल में कुल 41 मरीज भर्ती कराए गए। जिनमें से छह मरीजों को गंभीर हालत देखते हुए मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया। जिले में डायरिया के मरीजों की संख्या इस कदर बढ़ी है कि जिला अस्पताल से लेकर झोलाछाप के पास भी मरीजों की भीड़ दिख रही है।
मैनपुरी। जिले में संक्रामक मरीजों के बढने के साथ ही झोलाछापों ने भी अपनी दुकानें सजा ली हैं। डायरिया के मरीजों को पानी की कमी बताकर तुरंत ड्रिप लगा दी जाती है। गांव-गांव झोलाछापों के यहां मरीजों पर ड्रिप चढ़ते देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग जानबूझकर अनजान बन रहा है। अभी तक झोलाछापों के विरुद्ध कोई बड़ा अभियान नहीं चलाया गया है।
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मंगलवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल में 725 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इनमें सर्वाधिक संख्या डायरिया के मरीजों की थी। डायरिया से पीड़ित होने परे मंगलवार को जिला अस्पताल में कुल 41 मरीज भर्ती कराए गए। जिनमें से छह मरीजों को गंभीर हालत देखते हुए मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया। जिले में डायरिया के मरीजों की संख्या इस कदर बढ़ी है कि जिला अस्पताल से लेकर झोलाछाप के पास भी मरीजों की भीड़ दिख रही है।
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मैनपुरी। जिले में संक्रामक मरीजों के बढने के साथ ही झोलाछापों ने भी अपनी दुकानें सजा ली हैं। डायरिया के मरीजों को पानी की कमी बताकर तुरंत ड्रिप लगा दी जाती है। गांव-गांव झोलाछापों के यहां मरीजों पर ड्रिप चढ़ते देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग जानबूझकर अनजान बन रहा है। अभी तक झोलाछापों के विरुद्ध कोई बड़ा अभियान नहीं चलाया गया है।
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