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कठिनाइयों में भी कर्म के साथ धर्म को ना छोड़ें
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कथा वाचक बालशुक श्री नारायण ब्रह्मचारी
- फोटो : demo
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कुसमरा। नगर में पुलिस चौकी के निकट चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन वृंदावन से पधारे आचार्य वरुण कृष्ण महाराज ने कलयुग पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा के दौरान बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।
आचार्य वरुण कृष्ण महाराज ने कहा कि कि कलयुग में जिन भक्तों में दया, दान और पूजा पाठ में रुचि नहीं है, उनकी नैया भगवान कभी पूरा नहीं करेंगे।
दया हर मनुष्य में होती है, लेकिन कभी-कभी लोग दया छोड़ दानव का रूप ले लेते हैं। मनुष्य का जन्म हुआ है तो कितना भी कठिन समय आ जाए, कर्म के साथ धर्म को नहीं छोड़ें। इस युग में हर मनुष्य की भगवान परीक्षा ले रहे हैं। धैर्य के साथ काम करें। मनुष्य को लोभी नहीं होना चाहिए। दूसरे के धन से जलें नहीं।
किसी का उपकार नहीं करते तो किसी का अपकार भी ना करें। वर्तमान में मनुष्य अपने कर्म को छोड़ लोभी प्रवृत्ति का हो गया है। जब ऐसे लोगों को आप देखें तो समझ जाएं, इस पर कलयुगी महराज चढ़ गए है। बीच-बीच में कीर्तन भजन से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होते रहे। कथा पंडाल में रामलड़ैते अवस्थी, अनिल शर्मा, शिवपाल सिंह वैस, विनय शुक्ला, अनूप पांडेय, प्रेमचंद मिश्रा, सुबोध पांडेय, प्रमोद शुक्ला, सुभाष पांडेय आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आचार्य वरुण कृष्ण महाराज ने कहा कि कि कलयुग में जिन भक्तों में दया, दान और पूजा पाठ में रुचि नहीं है, उनकी नैया भगवान कभी पूरा नहीं करेंगे।
दया हर मनुष्य में होती है, लेकिन कभी-कभी लोग दया छोड़ दानव का रूप ले लेते हैं। मनुष्य का जन्म हुआ है तो कितना भी कठिन समय आ जाए, कर्म के साथ धर्म को नहीं छोड़ें। इस युग में हर मनुष्य की भगवान परीक्षा ले रहे हैं। धैर्य के साथ काम करें। मनुष्य को लोभी नहीं होना चाहिए। दूसरे के धन से जलें नहीं।
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किसी का उपकार नहीं करते तो किसी का अपकार भी ना करें। वर्तमान में मनुष्य अपने कर्म को छोड़ लोभी प्रवृत्ति का हो गया है। जब ऐसे लोगों को आप देखें तो समझ जाएं, इस पर कलयुगी महराज चढ़ गए है। बीच-बीच में कीर्तन भजन से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होते रहे। कथा पंडाल में रामलड़ैते अवस्थी, अनिल शर्मा, शिवपाल सिंह वैस, विनय शुक्ला, अनूप पांडेय, प्रेमचंद मिश्रा, सुबोध पांडेय, प्रमोद शुक्ला, सुभाष पांडेय आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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