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बरसाना में बन कर तैयार है 111 फीट ऊंचा कीर्ति जी का मंदिर
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नंदगांव (मथुरा)। बरसाना में राधारानी की मां कीर्ति जी का मंदिर बन कर तैयार हो चुका है। इसके पट अगले माह खुलने की संभावना है। कीर्ति जी का यह एक मात्र मंदिर होगा।
करीब एक दशक पहले जगदगुरु कृपालु महाराज ने श्रीजी की मां कीर्ति जी के मंदिर का सपना देखा था। बरसाना में राधारानी की मां महारानी कीर्ति जी के मंदिर की नींव स्वयं जगदगुरु कृपालु महाराज ने 8 मई 2006 में रखी थी। उनके बाद उनकी बेटियां डा. विशाखा त्रिपाठी, डा. श्यामा त्रिपाठी, डा. कृष्णा त्रिपाठी अब उस सपने को साकार करने जा रही हैं।
5 सौ से अधिक ओडिसा और राजस्थान के कारीगर और मजूदरों ने करीब 12 वर्ष तक काम करके नागर शैली में भव्य मंदिर तैयार किया है। रंगीली महल परिसर में निर्माणाधीन कीर्ति मंदिर बरसाना के सौंदर्य में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
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वृंदावन के प्रेम मंदिर की तरह इसकी नक्काशी, झांकियां और लाइटिंग श्रद्धालुओं को बरबस ही आकर्षित करेगी। मंदिर के गर्भगृह और शिखर में इटैलियन मारबल लगाया गया है। 111 फुट ऊंचे इस मंदिर में करीब 11 हजार टन पत्थर लग चुका है। जमीन पर ताजमहल की तरह इनले वर्क से विभिन्न आकृतियां उकेरी गई हैं। प्रवेश द्वार को कल्पवृक्ष आकृति के समान बनाया गया है।
लाडली जी को दुलारती दर्शन देंगी कीर्ति महारानी
नंदगांव। गर्भगृह से बाहर दाएं तथा बाएं तरफ राधारानी की अष्टसखियों की प्रतिमाएं होंगी। गर्भगृह में मुख्य सिंहासन पर राधा रानी को दुलारती कीर्ति जी की भव्य प्रतिमा लगाई जा रही है। कीर्ति जी के चरणों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राधा नाम का प्रचार प्रसार करने वाले जगदगुरु कृपालु महाराज की भी प्रतिमा होगी।
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करीब एक दशक पहले जगदगुरु कृपालु महाराज ने श्रीजी की मां कीर्ति जी के मंदिर का सपना देखा था। बरसाना में राधारानी की मां महारानी कीर्ति जी के मंदिर की नींव स्वयं जगदगुरु कृपालु महाराज ने 8 मई 2006 में रखी थी। उनके बाद उनकी बेटियां डा. विशाखा त्रिपाठी, डा. श्यामा त्रिपाठी, डा. कृष्णा त्रिपाठी अब उस सपने को साकार करने जा रही हैं।
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5 सौ से अधिक ओडिसा और राजस्थान के कारीगर और मजूदरों ने करीब 12 वर्ष तक काम करके नागर शैली में भव्य मंदिर तैयार किया है। रंगीली महल परिसर में निर्माणाधीन कीर्ति मंदिर बरसाना के सौंदर्य में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
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वृंदावन के प्रेम मंदिर की तरह इसकी नक्काशी, झांकियां और लाइटिंग श्रद्धालुओं को बरबस ही आकर्षित करेगी। मंदिर के गर्भगृह और शिखर में इटैलियन मारबल लगाया गया है। 111 फुट ऊंचे इस मंदिर में करीब 11 हजार टन पत्थर लग चुका है। जमीन पर ताजमहल की तरह इनले वर्क से विभिन्न आकृतियां उकेरी गई हैं। प्रवेश द्वार को कल्पवृक्ष आकृति के समान बनाया गया है।
लाडली जी को दुलारती दर्शन देंगी कीर्ति महारानी
नंदगांव। गर्भगृह से बाहर दाएं तथा बाएं तरफ राधारानी की अष्टसखियों की प्रतिमाएं होंगी। गर्भगृह में मुख्य सिंहासन पर राधा रानी को दुलारती कीर्ति जी की भव्य प्रतिमा लगाई जा रही है। कीर्ति जी के चरणों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राधा नाम का प्रचार प्रसार करने वाले जगदगुरु कृपालु महाराज की भी प्रतिमा होगी।