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प्रशासनिक अफसर करेंगे बीटीसी कालेजों की जांच
Updated Sun, 09 Sep 2018 07:57 PM IST
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जांच
- फोटो : डेमो
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मथुरा। डीएम ने चार डिप्टी कलक्टर सहित आठ जिला स्तरीय अधिकारियों को बीटीसी कालेजों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। मथुरा के कालेजों को लेकर शासन को शिकायत पहुंची है कि बगैर भवनों के ही कालेजों की मान्यता मिल गई है। यहां शिक्षक भी नहीं हैं।
जनपद में 84 बीटीसी कालेज संचालित हैं। इसमें अधिकांश कालेज संचालक ऐसे हैं, जो पूर्व से ही डिग्री और माध्यमिक कालेजों का संचालन कर रहे हैं। पूर्व कालेज भवन पर ही अनेक प्रबंधकों ने बीटीसी के रूप में और नई मान्यता ले ली है। ऐसे कालेजों में शिक्षकों की नियुक्तियां भी नहीं हैं। बीटीसी प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति भी चिंताजनक है। इस पर शासन ने 41 बिंदुओं पर विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। डीएम ने इसमें आठ अधिकारी लगाए हैं।
इसमें डिप्टी कलक्टर श्याम अवध चौहान, राजकुमार मित्तल, हरिशंकर यादव, राहुल यादव तथा जिलाविद्यालय निरीक्षक केपी सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेशचंद्र, जिला उद्यान अधिकारी जगदीश कुमार तथा राघवेंद्र सिंह जिला पूर्ति अधिकारी शामिल हैं।
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गौरतलब रहे इससे पूर्व यह जांच जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य डॉ. मुकेश अग्रवाल ने शुरू की थी। जांच के प्रारंभ में ही उन्हें महावन में एक भवन पर ही दो कालेजों की मान्यता मिली थी।
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जनपद में 84 बीटीसी कालेज संचालित हैं। इसमें अधिकांश कालेज संचालक ऐसे हैं, जो पूर्व से ही डिग्री और माध्यमिक कालेजों का संचालन कर रहे हैं। पूर्व कालेज भवन पर ही अनेक प्रबंधकों ने बीटीसी के रूप में और नई मान्यता ले ली है। ऐसे कालेजों में शिक्षकों की नियुक्तियां भी नहीं हैं। बीटीसी प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति भी चिंताजनक है। इस पर शासन ने 41 बिंदुओं पर विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। डीएम ने इसमें आठ अधिकारी लगाए हैं।
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इसमें डिप्टी कलक्टर श्याम अवध चौहान, राजकुमार मित्तल, हरिशंकर यादव, राहुल यादव तथा जिलाविद्यालय निरीक्षक केपी सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेशचंद्र, जिला उद्यान अधिकारी जगदीश कुमार तथा राघवेंद्र सिंह जिला पूर्ति अधिकारी शामिल हैं।
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गौरतलब रहे इससे पूर्व यह जांच जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य डॉ. मुकेश अग्रवाल ने शुरू की थी। जांच के प्रारंभ में ही उन्हें महावन में एक भवन पर ही दो कालेजों की मान्यता मिली थी।