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दाबिश के दौरान बच् चे को पटककर मारने का आरोप
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:32 PM IST
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फिरोजाबाद। नारखी के गांव राजमल निवासी अबरार के घर सोमवार रात नारखी पुलिस दबिश देने गई थी। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं के साथ मारपीट की गई। वहीं, अबरार के छह माह के बेटे को पुलिस ने पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नारखी थाना क्षेत्र के गांव राजमल में अबरार और उसके भाई यूनुस का परिवार निवास करता है। अबरार की पत्नी रिहाना का कहना है कि सोमवार रात नारखी पुलिस ने दबिश दी। साथ ही पति अबरार के बारे में पूछताछ की। जानकारी न होने की बात बताने पर पुलिस ने रिहाना और मौजूद महिलाओं की पिटाई कर दी। आरोप है कि पुलिस ने अबरार के छह माह के पुत्र फरान को उठाकर पटक दिया। शोर मचने पर लोग जुट गए।
यह देख पुलिसकर्मी वहां से चले गए। रिहाना का कहना है कि इसके बाद पुत्र फरान की हालत खराब हो गई। सुबह वह चिकित्सक के यहां लेकर गई। जहां उसको मृत घोषित कर दिया गया। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर रिहाना परिवार और गांव की महिलाओं के साथ जिला मुख्यालय पहुंची। नारखी पुलिस पुलिस चौकी जिला मुख्यालय पहुंची और शव को कब्जे में लेने के साथ ही पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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वहीं, थानाध्यक्ष नारखी का कहना है कि पुलिस ने कोई दबिश नहीं दी। बच्चे की मौत कैंसर के कारण हुई है। बच्चे की पीठ में बड़ा घाव था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अबरार का छोटा भाई यूनुस को रजमाल गांव के किसान के अपहरण के मामले में पुलिस ने जेल भेजा था, जो अभी छूटकर आया है। पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर आती है तो कार्रवाई की जाएगी। अबरार भी एक मामले में वांछित है।
हिस्ट्रीशीटर युसूफ जेल से छूट कर आया है इसकी निगरानी के लिए पुलिस जाती है। अबरार के परिवार की विरोधी पक्ष से रंजिश चल रही है इसी पेशबंदी में पुलिस पर आरोप लगाया गया है। फिर भी अबरार के परिवार के लोग जब उनसे मिलने आए तो उन्होंने बालक के शव का पोस्टमार्टम कराने के आदेश कर दिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई जाएगी। वैसे उन्होंने ने भी देखा था कि बच्चे की पीठ पर काफी बड़ी गांठ थी।
अजय कुमार, एसएसपी
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नारखी थाना क्षेत्र के गांव राजमल में अबरार और उसके भाई यूनुस का परिवार निवास करता है। अबरार की पत्नी रिहाना का कहना है कि सोमवार रात नारखी पुलिस ने दबिश दी। साथ ही पति अबरार के बारे में पूछताछ की। जानकारी न होने की बात बताने पर पुलिस ने रिहाना और मौजूद महिलाओं की पिटाई कर दी। आरोप है कि पुलिस ने अबरार के छह माह के पुत्र फरान को उठाकर पटक दिया। शोर मचने पर लोग जुट गए।
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यह देख पुलिसकर्मी वहां से चले गए। रिहाना का कहना है कि इसके बाद पुत्र फरान की हालत खराब हो गई। सुबह वह चिकित्सक के यहां लेकर गई। जहां उसको मृत घोषित कर दिया गया। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर रिहाना परिवार और गांव की महिलाओं के साथ जिला मुख्यालय पहुंची। नारखी पुलिस पुलिस चौकी जिला मुख्यालय पहुंची और शव को कब्जे में लेने के साथ ही पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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वहीं, थानाध्यक्ष नारखी का कहना है कि पुलिस ने कोई दबिश नहीं दी। बच्चे की मौत कैंसर के कारण हुई है। बच्चे की पीठ में बड़ा घाव था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अबरार का छोटा भाई यूनुस को रजमाल गांव के किसान के अपहरण के मामले में पुलिस ने जेल भेजा था, जो अभी छूटकर आया है। पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर आती है तो कार्रवाई की जाएगी। अबरार भी एक मामले में वांछित है।
हिस्ट्रीशीटर युसूफ जेल से छूट कर आया है इसकी निगरानी के लिए पुलिस जाती है। अबरार के परिवार की विरोधी पक्ष से रंजिश चल रही है इसी पेशबंदी में पुलिस पर आरोप लगाया गया है। फिर भी अबरार के परिवार के लोग जब उनसे मिलने आए तो उन्होंने बालक के शव का पोस्टमार्टम कराने के आदेश कर दिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई जाएगी। वैसे उन्होंने ने भी देखा था कि बच्चे की पीठ पर काफी बड़ी गांठ थी।
अजय कुमार, एसएसपी