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चारपाई पर बैठकर रात गुजार रहे लोग
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:56 PM IST
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में लगातार हो रही बारिश से नई आबादी के मोहल्ला किशन नगर और दुर्गेश के लोग नारकीय हालत में जीने को मजबूर है। घरों के अंदर तक बारिश का पानी भरने से गरीब जनता चारपाई पर बैठकर रात गुजारने को मजबूर हैं।
सुहागनगरी को नगर निगम का दर्जा मिले चार साल गुजर गए। निगम में पहले बोर्ड का चुनाव हो चुका है। महापौर नूतन राठौर के साथ शहर की जनता ने 70 पार्षदों को समस्या दूर करने के लिए चुना। निगम का चुनाव हुए 10 माह बीत चुके हैं, लेकिन शहर की तस्वीर आज भी बदसूरत है। जिस जनता ने क्षेत्र के विकास के लिए महापौर और पार्षदों को वोट दिया, वो आज भी नारकीय हालात से जूझ रही है।
नई आबादी के मोहल्ला किशन नगर में बारिश का पानी छह दर्जन से अधिक मकानों के पास भरा है। पानी निकासी नहीं होने से घरों के अंदर पानी भर गया है। आसपास पानी भरने से कई मकान जर्जर हालात में हैं। हादसे की आश्ंाका से गरीब परिवार पलायन को मजबूर हैं।
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किशन नगर निवासी तबस्सुम ने कहा हमारे घर में पिछले 20 दिनों से पानी भरा है। ऐसे मे खाना तक नहीं पका पा रहे। चारपाई पर बैठकर रात काटनी पड़ती है। घर में गंदा पानी भरने से बच्चे बीमार हो गए हैं। इलाज के लिए कहां से पैसे लाएं। सलीम ने कहा मकान के अंदर पानी भरने से छत पर बैठकर रात काटनी पड़ रही है।
फार्माकोल तोड़कर बोरी में भरकर उसी पर बैठकर घर से बाहर निकलते हैं। इमरान ने कहा बारिश के कारण बच्चे कई दिनों से घरों में कैद हैं। स्कूल तक नहीं भेज पा रहे। गुड्डन, तौफीक, शाहिल, बौबी, नसीम का कहना है कि एक माह से नारकीय हालात में जी रहे हैं।
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सुहागनगरी को नगर निगम का दर्जा मिले चार साल गुजर गए। निगम में पहले बोर्ड का चुनाव हो चुका है। महापौर नूतन राठौर के साथ शहर की जनता ने 70 पार्षदों को समस्या दूर करने के लिए चुना। निगम का चुनाव हुए 10 माह बीत चुके हैं, लेकिन शहर की तस्वीर आज भी बदसूरत है। जिस जनता ने क्षेत्र के विकास के लिए महापौर और पार्षदों को वोट दिया, वो आज भी नारकीय हालात से जूझ रही है।
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नई आबादी के मोहल्ला किशन नगर में बारिश का पानी छह दर्जन से अधिक मकानों के पास भरा है। पानी निकासी नहीं होने से घरों के अंदर पानी भर गया है। आसपास पानी भरने से कई मकान जर्जर हालात में हैं। हादसे की आश्ंाका से गरीब परिवार पलायन को मजबूर हैं।
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किशन नगर निवासी तबस्सुम ने कहा हमारे घर में पिछले 20 दिनों से पानी भरा है। ऐसे मे खाना तक नहीं पका पा रहे। चारपाई पर बैठकर रात काटनी पड़ती है। घर में गंदा पानी भरने से बच्चे बीमार हो गए हैं। इलाज के लिए कहां से पैसे लाएं। सलीम ने कहा मकान के अंदर पानी भरने से छत पर बैठकर रात काटनी पड़ रही है।
फार्माकोल तोड़कर बोरी में भरकर उसी पर बैठकर घर से बाहर निकलते हैं। इमरान ने कहा बारिश के कारण बच्चे कई दिनों से घरों में कैद हैं। स्कूल तक नहीं भेज पा रहे। गुड्डन, तौफीक, शाहिल, बौबी, नसीम का कहना है कि एक माह से नारकीय हालात में जी रहे हैं।