{"_id":"5b16c5114f1c1b6a4d8b4dbd","slug":"141528218897-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी में बढ़ रहे डायरिया व हीट स्ट्रोक के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी में बढ़ रहे डायरिया व हीट स्ट्रोक के मरीज
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
heat stroke
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज।
गर्मी अपने चरम पर है। पारा 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच रहा है। हीट स्ट्रोक एवं डायरिया के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन 700 से 750 मरीज सरकारी अस्पताल पहुंच रहे हैं। हीट स्ट्रोक का शिकार होकर लोग बुखार व उल्टी दस्त से बीमार हो रहे हैं। संक्रामकों से पीड़ित होकर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को तापमान एवं गर्म हवाएं लोगों को परेशान करती रहीं।
मंगलवार की दोपहर तक बारह बजे 560 मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच चुके थे। इनमें अधिकांश मरीज बुखार के आए। अनुज पुत्र रनवीर सिंह निवासी नगला ताल को तेज बुखार और उल्टी के चलते उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वार्ड में भर्ती अनुज के बेड के ऊपर गर्मी से बचने को पंखा चल रहा था। जबकि विजय सिंह पुत्र राम सिंह निवासी भामों, राम स्वरूप पुत्र रामचंद्र एवं उषा पत्नी विजय सिंह निवासी भामों ढोलना पेट दर्द, उल्टी और दस्त का शिकार होकर अस्पताल में पहुंचे।
डॉक्टर ने बताया कि ये लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। गर्मी के चलते रखे हुए भोजन से फूड प्वाइजनिंग से तीनों ही बीमार हुए हैं। उन्हें इलाज के बाद डॉक्टर स्थिति में सुधार होने के बाद छुट्टी दे दी। जिला अस्पताल के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी ओपीडी में 250 मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में हीट स्ट्रोक एवं डायरिया आदि से किसी अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए हर तरह की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार की दवाओं की कमी नहीं हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में 100 बेडों की व्यवस्था है। वार्डों में हर तरह के मरीजों के लिए इलाज की सभी व्यवस्थाएं हैं। गर्मी में लू लगने व डायरियों के मरीज बढ़े हैं। सभी व्यवस्थाएं अस्पताल पर हैं मरीजों को दिक्कतें नहीं होगी।
डा. अविनाश, डिप्टी सीएमओ, कासगंज।
हीट स्ट्रोक के लक्षण:
- अधिक समय तक गमी व धूप में रहने से चक्कर आने लगे, उल्टी आना, मितली महसूस होना, रक्त चाप अचानक होने लगना, तेज बुखार हो तो हीट स्ट्रोक हो सकता है।
हीट स्ट्रोक से बचने के उपाय:
- तेज धूप में निकलने से बचें, यदि आवश्यक हो सिर ढककर निकले।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें, धीरे धीरे पानी पीते रहें।
- फलों के रस पिया करें अथवा गन्ने का जूस व नारियल का पानी पीएं।
- नमक, चीनी व नीबू का घोल पीते रहे, जिससे खनिजों की कमी न हो।
विज्ञापन
गर्मी अपने चरम पर है। पारा 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच रहा है। हीट स्ट्रोक एवं डायरिया के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन 700 से 750 मरीज सरकारी अस्पताल पहुंच रहे हैं। हीट स्ट्रोक का शिकार होकर लोग बुखार व उल्टी दस्त से बीमार हो रहे हैं। संक्रामकों से पीड़ित होकर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को तापमान एवं गर्म हवाएं लोगों को परेशान करती रहीं।
मंगलवार की दोपहर तक बारह बजे 560 मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच चुके थे। इनमें अधिकांश मरीज बुखार के आए। अनुज पुत्र रनवीर सिंह निवासी नगला ताल को तेज बुखार और उल्टी के चलते उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वार्ड में भर्ती अनुज के बेड के ऊपर गर्मी से बचने को पंखा चल रहा था। जबकि विजय सिंह पुत्र राम सिंह निवासी भामों, राम स्वरूप पुत्र रामचंद्र एवं उषा पत्नी विजय सिंह निवासी भामों ढोलना पेट दर्द, उल्टी और दस्त का शिकार होकर अस्पताल में पहुंचे।
विज्ञापन
डॉक्टर ने बताया कि ये लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। गर्मी के चलते रखे हुए भोजन से फूड प्वाइजनिंग से तीनों ही बीमार हुए हैं। उन्हें इलाज के बाद डॉक्टर स्थिति में सुधार होने के बाद छुट्टी दे दी। जिला अस्पताल के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी ओपीडी में 250 मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में हीट स्ट्रोक एवं डायरिया आदि से किसी अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए हर तरह की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार की दवाओं की कमी नहीं हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में 100 बेडों की व्यवस्था है। वार्डों में हर तरह के मरीजों के लिए इलाज की सभी व्यवस्थाएं हैं। गर्मी में लू लगने व डायरियों के मरीज बढ़े हैं। सभी व्यवस्थाएं अस्पताल पर हैं मरीजों को दिक्कतें नहीं होगी।
डा. अविनाश, डिप्टी सीएमओ, कासगंज।
हीट स्ट्रोक के लक्षण:
- अधिक समय तक गमी व धूप में रहने से चक्कर आने लगे, उल्टी आना, मितली महसूस होना, रक्त चाप अचानक होने लगना, तेज बुखार हो तो हीट स्ट्रोक हो सकता है।
हीट स्ट्रोक से बचने के उपाय:
- तेज धूप में निकलने से बचें, यदि आवश्यक हो सिर ढककर निकले।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें, धीरे धीरे पानी पीते रहें।
- फलों के रस पिया करें अथवा गन्ने का जूस व नारियल का पानी पीएं।
- नमक, चीनी व नीबू का घोल पीते रहे, जिससे खनिजों की कमी न हो।