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हाईवे पर खतरनाक मोड़, संकेतकों का पता नहीं
Updated Mon, 08 Jan 2018 11:17 PM IST
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कोहरे के चलते हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए।
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फिरोजाबाद। हाइवे पर स्थित सिरसागंज सोथरा चौराहा ही नहीं बल्कि कई स्थानों पर खतरनाक मोड़ दुर्घटना का कारण बनते हैं। टूंडला थाना का उसायनी चौराहा, राजा का ताल तिराहा, नगला गोला चौराहा, लाइनपार थाना क्षेत्र का मीरा का चौराहा भी हादसों का हब हैं। चौराहों पर संकेतक नहीं लगे। वाहनों की रफ्तार को थामने का कोई इंतजाम नहीं है।
रविवार को सिरसागंज के सोथरा चौराहे पर दस चक्का ट्रक की वजह से 11 लोगों की जान गई थी। वहां ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है लेकिन इसका संकेतांक नहीं लगा है। कुछ यही हाल उसायनी चौराहे पर बन रहे ओवरब्रिज का है। वहां मोड़ काफी खतरनाक है। हमेशा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। बावजूद इसके वाहन चालकों को आगाह करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
नगला गोला चौराहे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते हैं। वहीं राजा का ताल तिराहा तो एक बार आधा दर्जन से अधिक श्रमिकों की मौत का गवाह बना है। मीरा का चौराहा पर तेज रफ्तार ट्रक कई बार जानलेवा बने हैं। नगला भाऊ चौराहा, नैनी ग्लास चौराहा एवं आसफाबाद तिराहा, मोढ़ा चौराहे पर हादसे अक्सर होते हैं। एनएचएआई के अफसरों का चेतावनी बोर्ड लगाने की ओर ध्यान नहीं है।
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एआरटीओ प्रवर्तन द्वारा हाइवे पर दौड़ने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सघन कार्रवाई की जा रही है। अप्रैल 2017 से लेकर दिसंबर तक 622 ओवरलोड वाहनों के चालान करके एक करोड़ दो लाख रुपया शमन शुल्क की वसूली की गई। बावजूद इसके धड़ल्ले से ओवरलोड वाहन चल रहे हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन शांतिभूषण पांडेय ने कहा कि सिंगल रूटों से ओवरलोड वाहन आते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। डग्गामार वाहनों के खिलाफ भी अभियान चल रहा है। 422 वाहनों से 30 लाख का जुर्माना वसूलने के साथ छह लाख टैक्स जमा कराया गया है। बावजूद इसके ओवरलोड वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखते हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन शांतिभूषण पांडेय ने सोमवार को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। जिला मुख्यालय पर चलाए गए अभियान के दौरान एक ओवरलोड वाहन को सीज करने के साथ, बिना परमिट के दौड़ने वाले छह टैंपों को सीज करने की कार्रवाई की। बिना फिटनेस के हाइवे पर दौड़ रहे तीन आटो को सीज किया। इससे एक लाख दस हजार रुपया शमन शुक्ल वसूला गया।
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रविवार को सिरसागंज के सोथरा चौराहे पर दस चक्का ट्रक की वजह से 11 लोगों की जान गई थी। वहां ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है लेकिन इसका संकेतांक नहीं लगा है। कुछ यही हाल उसायनी चौराहे पर बन रहे ओवरब्रिज का है। वहां मोड़ काफी खतरनाक है। हमेशा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। बावजूद इसके वाहन चालकों को आगाह करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
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नगला गोला चौराहे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते हैं। वहीं राजा का ताल तिराहा तो एक बार आधा दर्जन से अधिक श्रमिकों की मौत का गवाह बना है। मीरा का चौराहा पर तेज रफ्तार ट्रक कई बार जानलेवा बने हैं। नगला भाऊ चौराहा, नैनी ग्लास चौराहा एवं आसफाबाद तिराहा, मोढ़ा चौराहे पर हादसे अक्सर होते हैं। एनएचएआई के अफसरों का चेतावनी बोर्ड लगाने की ओर ध्यान नहीं है।
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एआरटीओ प्रवर्तन द्वारा हाइवे पर दौड़ने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सघन कार्रवाई की जा रही है। अप्रैल 2017 से लेकर दिसंबर तक 622 ओवरलोड वाहनों के चालान करके एक करोड़ दो लाख रुपया शमन शुल्क की वसूली की गई। बावजूद इसके धड़ल्ले से ओवरलोड वाहन चल रहे हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन शांतिभूषण पांडेय ने कहा कि सिंगल रूटों से ओवरलोड वाहन आते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। डग्गामार वाहनों के खिलाफ भी अभियान चल रहा है। 422 वाहनों से 30 लाख का जुर्माना वसूलने के साथ छह लाख टैक्स जमा कराया गया है। बावजूद इसके ओवरलोड वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखते हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन शांतिभूषण पांडेय ने सोमवार को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। जिला मुख्यालय पर चलाए गए अभियान के दौरान एक ओवरलोड वाहन को सीज करने के साथ, बिना परमिट के दौड़ने वाले छह टैंपों को सीज करने की कार्रवाई की। बिना फिटनेस के हाइवे पर दौड़ रहे तीन आटो को सीज किया। इससे एक लाख दस हजार रुपया शमन शुक्ल वसूला गया।