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गंगा का जलस्तर हुआ कम, लेकिन उफान बरकरार, एक की मौत
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:00 PM IST
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आबादी में पहुंचा गंगा का पानी।
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कासगंज।
गंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर कम हो गया है लेकिन गंगाघाटों पर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए उफनती गंगा की धार आफत बनी हुई है। लहरा गंगाघाट पर स्नान करते समय एक श्रद्धालु की डूबने से मौत हो गई। हालांकि जलस्तर में कमी आने के कारण तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
जिले में गंगा के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की गिरावट होने और नरौरा से पानी का डिस्चार्ज कम होने के कारण लो फ्लड के हालात समाप्त हो गए हैं। अब साधारण फ्लड के हालात कई दिनों तक रह सकते हैं। नरौरा बैराज से मंगलवार सुबह 30657 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। वहीं कछला ब्रिज पर गंगा 162.70 मीटर के निशान पर बही। जलस्तर कम होने से तटवर्ती इलाके के लोग राहत में हैं। हालांकि फिर से गंगा में पानी का डिस्चार्ज बढ़ने पर हालात बिगड़ सकते हैं। कछला गंगाघाट पर गंगा की बाढ़ का पानी आने के कारण हटाई गई दुकानों को दुकानदारों ने लगाना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह का कहना है कि अब जिले में साधारण फ्लड के हालात हैं। अभी दो तीन दिन यही हालात रहने की संभावना है। यदि हरिद्वार से अधिक पानी छोड़ा गया तो अलग स्थिति बनेगी। फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है।
वहीं लहरा गंगाघाट पर गंगा स्नात करते समय एक 55 वर्षीय अधेड़ की डूबने से मौत हो गई। जानकारी पर गोताखारों ने काफी कवायद के बाद शव को बाहर निकाला। काफी प्रयासों के बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो सकी।
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हादसे के बाद पहुंचे एसडीएम,सीओ
कासगंज। सोरों लहरा घाट पर श्रद्धालु के डूबने की सूचना पर एसडीएम बीएल सरोज, सीओ शैलेंद्र लाल लहरा पहुंच गए। पीएसी की फ्लड यूनिट को भी लहरा बुलाया गया, लेकिन तब तक अज्ञात श्रद्धालु के शव को बाहर निकाला जा चुका था। बाद में अधिकारियों ने पीएसी की वोट से लहरा घाट के आस पास पानी के स्तर की जानकारी हासिल की। एसडीएम ने बताया कि गंगा में स्नान के हिसाब से पानी काफी ज्यादा है। सावधानी से गंगा स्नान करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब लहरा पर पीएसी की एक यूनिट लगातार रहेगी।
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गंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर कम हो गया है लेकिन गंगाघाटों पर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए उफनती गंगा की धार आफत बनी हुई है। लहरा गंगाघाट पर स्नान करते समय एक श्रद्धालु की डूबने से मौत हो गई। हालांकि जलस्तर में कमी आने के कारण तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
जिले में गंगा के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की गिरावट होने और नरौरा से पानी का डिस्चार्ज कम होने के कारण लो फ्लड के हालात समाप्त हो गए हैं। अब साधारण फ्लड के हालात कई दिनों तक रह सकते हैं। नरौरा बैराज से मंगलवार सुबह 30657 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। वहीं कछला ब्रिज पर गंगा 162.70 मीटर के निशान पर बही। जलस्तर कम होने से तटवर्ती इलाके के लोग राहत में हैं। हालांकि फिर से गंगा में पानी का डिस्चार्ज बढ़ने पर हालात बिगड़ सकते हैं। कछला गंगाघाट पर गंगा की बाढ़ का पानी आने के कारण हटाई गई दुकानों को दुकानदारों ने लगाना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह का कहना है कि अब जिले में साधारण फ्लड के हालात हैं। अभी दो तीन दिन यही हालात रहने की संभावना है। यदि हरिद्वार से अधिक पानी छोड़ा गया तो अलग स्थिति बनेगी। फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है।
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वहीं लहरा गंगाघाट पर गंगा स्नात करते समय एक 55 वर्षीय अधेड़ की डूबने से मौत हो गई। जानकारी पर गोताखारों ने काफी कवायद के बाद शव को बाहर निकाला। काफी प्रयासों के बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो सकी।
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हादसे के बाद पहुंचे एसडीएम,सीओ
कासगंज। सोरों लहरा घाट पर श्रद्धालु के डूबने की सूचना पर एसडीएम बीएल सरोज, सीओ शैलेंद्र लाल लहरा पहुंच गए। पीएसी की फ्लड यूनिट को भी लहरा बुलाया गया, लेकिन तब तक अज्ञात श्रद्धालु के शव को बाहर निकाला जा चुका था। बाद में अधिकारियों ने पीएसी की वोट से लहरा घाट के आस पास पानी के स्तर की जानकारी हासिल की। एसडीएम ने बताया कि गंगा में स्नान के हिसाब से पानी काफी ज्यादा है। सावधानी से गंगा स्नान करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब लहरा पर पीएसी की एक यूनिट लगातार रहेगी।