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रुक्मिणी विहार में नहीं रहना हमें, वापस करो पैसा
Updated Tue, 02 Jan 2018 08:10 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। रुक्मिणी विहार के आवंटी अब अपने मकान प्राधिकरण को सरेंडर करने लगे हैं। अभी तक 250 लोग अर्जी दे चुके हैं। इससे प्राधिकरण की भी चिंता बढ़ रही है। आवंटियों को मनाने की कोशिश की जा रही है लेकिन लोगों ने साफ कह दिया है कि उन्हें यहां नहीं रहना।
वृंदावन छटीकरा रोड स्थित प्राधिकरण की आवासीय कॉलोनी रुक्मिणी विहार करीब चार साल पूर्व तैयार हुई थी। इस योजना के तहत 272 स्टूडियो, 672 ईडब्लूएस, 656 एलआईजी, 528 वन बीएचके, 100 टूबीएचके का निर्माण कराया गया। इन आवासों को आवंटियों ने हाथों हाथ लिया था। परंतु जैसे-जैसे प्रॉपर्टी मार्केट में मंदी आती गई इनके खरीददार परेशान होने लगे।
प्रापर्टी की कीमत कम होते ही लोगों ने इन्हें वापस करना शुरू कर दिया। इसके बाद इनके निर्माण में भी भारी कमी प्रकाश में आई। इस संबंध में प्राधिकरण उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने जांच भी करवाई और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की। अब तक करीब 250 आवंटी इस योजना में रिफंड की मांग कर चुके हैं। प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने बताया कि वह रिफंड की मांग करने वालों से इसका कारण भी पूछ रहीं हैं। लोगों का कहना है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी इस कालोनी की बसावट नहीं हो पा रही है।
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वृंदावन छटीकरा रोड स्थित प्राधिकरण की आवासीय कॉलोनी रुक्मिणी विहार करीब चार साल पूर्व तैयार हुई थी। इस योजना के तहत 272 स्टूडियो, 672 ईडब्लूएस, 656 एलआईजी, 528 वन बीएचके, 100 टूबीएचके का निर्माण कराया गया। इन आवासों को आवंटियों ने हाथों हाथ लिया था। परंतु जैसे-जैसे प्रॉपर्टी मार्केट में मंदी आती गई इनके खरीददार परेशान होने लगे।
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प्रापर्टी की कीमत कम होते ही लोगों ने इन्हें वापस करना शुरू कर दिया। इसके बाद इनके निर्माण में भी भारी कमी प्रकाश में आई। इस संबंध में प्राधिकरण उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने जांच भी करवाई और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की। अब तक करीब 250 आवंटी इस योजना में रिफंड की मांग कर चुके हैं। प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने बताया कि वह रिफंड की मांग करने वालों से इसका कारण भी पूछ रहीं हैं। लोगों का कहना है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी इस कालोनी की बसावट नहीं हो पा रही है।
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