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चंद्रग्रहण का असर वृंदावन के मंदिरों पर
Updated Wed, 31 Jan 2018 07:45 PM IST
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- फोटो : डेमो
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वृंदावन (मथुरा)। माघ पूर्णिमा पर बुधवार की शाम पड़े चंद्रग्रहण का असर वृंदावन के मंदिरों पर भी पड़ा। मान्यताओं के अनुसार सूतक लगने के 12 घंटा पहले ठाकुरजी के दर्शन भक्तों के लिए बंद कर दिए गए। मंदिर सेवायतों ने सूतक लगने से पूर्व मंदिर की सभी परंपराओं का निर्वहन कर लिया गया।
चंद्रग्रहण के कारण बुधवार को शृंगार आरती प्रात: 5:10 बजे की गई, जबकि राजभोग आरती प्रात: 5:55 बजे हुई। वहीं सायंकालीन सेवा के दर्शन सुबह 7:15 बजे हुए और 8:00 बजे शयन आरती की गई। चंद्रग्रहण के कारण दर्शन के समय में हुए बदलाव के बाद भी माघ पूर्णिमा होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ रही।
सर्दी के मौसम में भी सुबह पांच बजे से पूर्व ही भक्त अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए मंदिर के प्रवेश गेट पर एकत्रित हो गए। पट खुलते ही मंदिर परिसर ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इधर, ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में भी चंद्रग्रहण के कारण मंगला आरती सुबह पांच बजे हुई। धूप आरती 6:30 बजे, शृंगार आरती 6:45 बजे, राजभोग आरती 7:30 बजे की गई। सायंकालीन दर्शन क्रम में धूप आरती सुबह आठ बजे, संध्या आरती 8:30 बजे और शयन आरती 9:30 बजे की गई। माघ पूर्णिमा पर ठाकुर राधा वल्लभलाल ने भक्तों के साथ गुलाल की होली भी खेली।
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देहरी पर माथा टेका चले गए भक्त
चंद्रग्रहण के कारण मंदिर के पट बंद होने के कारण ठा. बांकेबिहारी महाराज के दर्शनार्थ आए सैकड़ों श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए ही लौटना पड़ा। सुबह शयन आरती करने के पश्चात मंदिर के पट बंद कर दिए गए। इससे उन श्रद्धालुओं को मायूसी हुई जिन्हें मंदिर पट जल्द बंद होने की जानकारी नहीं थी। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के मुख्य गेट पर माथा टेका और चले गए।
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चंद्रग्रहण के कारण बुधवार को शृंगार आरती प्रात: 5:10 बजे की गई, जबकि राजभोग आरती प्रात: 5:55 बजे हुई। वहीं सायंकालीन सेवा के दर्शन सुबह 7:15 बजे हुए और 8:00 बजे शयन आरती की गई। चंद्रग्रहण के कारण दर्शन के समय में हुए बदलाव के बाद भी माघ पूर्णिमा होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ रही।
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सर्दी के मौसम में भी सुबह पांच बजे से पूर्व ही भक्त अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए मंदिर के प्रवेश गेट पर एकत्रित हो गए। पट खुलते ही मंदिर परिसर ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इधर, ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में भी चंद्रग्रहण के कारण मंगला आरती सुबह पांच बजे हुई। धूप आरती 6:30 बजे, शृंगार आरती 6:45 बजे, राजभोग आरती 7:30 बजे की गई। सायंकालीन दर्शन क्रम में धूप आरती सुबह आठ बजे, संध्या आरती 8:30 बजे और शयन आरती 9:30 बजे की गई। माघ पूर्णिमा पर ठाकुर राधा वल्लभलाल ने भक्तों के साथ गुलाल की होली भी खेली।
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देहरी पर माथा टेका चले गए भक्त
चंद्रग्रहण के कारण मंदिर के पट बंद होने के कारण ठा. बांकेबिहारी महाराज के दर्शनार्थ आए सैकड़ों श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए ही लौटना पड़ा। सुबह शयन आरती करने के पश्चात मंदिर के पट बंद कर दिए गए। इससे उन श्रद्धालुओं को मायूसी हुई जिन्हें मंदिर पट जल्द बंद होने की जानकारी नहीं थी। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के मुख्य गेट पर माथा टेका और चले गए।