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साहस्त्रआम निकुंज में विराजे प्रभु को जन- जन निहारे
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:51 PM IST
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कुंज में बैठे प्रभु।
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन। ग्रीष्म निकुंज सेवा महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को ठाकुर राधारमण लाल जू साहस्त्रआम निकुंज ‘आम हजारा’ में भक्तों को दर्शन दिए। केले के वृक्ष, रायबेल और आमों से सुसज्जित निकुंज में आराध्य को विराजित देख संपूर्ण जगमोहन राधारमण लाल के जयकारों से गुंजायमान हो गया।
आध्यात्मिक गुरू आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि हिंदू परंपरानुसार देवशयन एकादशी से चार माह तक देवतागण लौकिक मंगल विधान के कर्म को छोड़कर स्वयं प्रभु की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त रूप धारण करके चार महीने साधना-आराधना करते हैं।
इन चार माह में भक्त भी प्रभु के नाम, जप, अनुष्ठान, धर्मग्रंथ आदि मंगल कार्य का सौभाग्य प्राप्त कर आराध्य को रिझाते है। पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, आचार्य नरेश नारायण, जगन्नाथ पोद्दार, योगेश अग्रवाल, अंजलि स्याल उपस्थित रहे।
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आध्यात्मिक गुरू आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि हिंदू परंपरानुसार देवशयन एकादशी से चार माह तक देवतागण लौकिक मंगल विधान के कर्म को छोड़कर स्वयं प्रभु की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त रूप धारण करके चार महीने साधना-आराधना करते हैं।
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इन चार माह में भक्त भी प्रभु के नाम, जप, अनुष्ठान, धर्मग्रंथ आदि मंगल कार्य का सौभाग्य प्राप्त कर आराध्य को रिझाते है। पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, आचार्य नरेश नारायण, जगन्नाथ पोद्दार, योगेश अग्रवाल, अंजलि स्याल उपस्थित रहे।
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