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राम जन्मभूमि के निर्माण पर अंतिम निर्णय कोर्ट का : धर्मदास महाराज
Updated Sat, 27 Oct 2018 08:29 PM IST
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shri ram
वृंदावन (मथुरा)। निर्वाणी अनी अखाड़े के श्रीमहंत और न्यायालय में रामजन्म भूमि निर्माण समिति के पक्षकार महंत धर्मदास महाराज ने कहा कि राम जन्मभूमि के निर्माण पर अंतिम निर्णय कोर्ट का ही होगा। विहिप और संघ के लोगों द्वारा दिया जा रहा तर्क भ्रम पूर्ण है कि राम मंदिर का निर्माण सोमनाथ की तर्ज पर कानून बनाकर किया जा सकता है क्योंकि यह सिर्फ मंदिर निर्माण का बिंदु नहीं बल्कि जमीन के मालिकाना हक को लेकर चल रहा दीवानी विवाद है।
शनिवार को महंत धर्मदास ने स्थानीय मिथिला कुंज में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि विहिप और संघ प्रमुख मोहन भागवत कह रहे हैं कि राम मंदिर का निर्माण कानून बनाकर होगा, यह भ्रम फैला रहे हैं। कहा कि यदि सुनवाई लगातार हो तो दूसरे पक्ष के पास कोई ठोस आधार और तर्क मौजूद नहीं।
वहीं अयोध्या में जमीन के मालिकाना हक को लेकर बाबर और सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास मालिकाना हक संबंधी कोई कागजात नहीं। ऐसे में राम मंदिर निर्माण पर सुनवाई लगभग 10 से 15 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। विश्व हिंदू परिषद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विहिप जैसे संगठन राम मंदिर के नाम पर अपना धंधा चला रहे हैं।
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कथा प्रवक्ता देवमुरारी बापू ने कहा कि महंत धर्मदास महाराज 29 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली पहली सुनवाई के बाद वृंदावन आकर संतों से मिलेंगे और रामजन्म भूमि के पक्ष को मजबूत करने के लिए देश भर में अभियान चलाया जाएगा। महामंडलेश्वर किशोरी शरण महाराज, वीरेंद्र चौबे भी उपस्थित थे।
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शनिवार को महंत धर्मदास ने स्थानीय मिथिला कुंज में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि विहिप और संघ प्रमुख मोहन भागवत कह रहे हैं कि राम मंदिर का निर्माण कानून बनाकर होगा, यह भ्रम फैला रहे हैं। कहा कि यदि सुनवाई लगातार हो तो दूसरे पक्ष के पास कोई ठोस आधार और तर्क मौजूद नहीं।
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वहीं अयोध्या में जमीन के मालिकाना हक को लेकर बाबर और सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास मालिकाना हक संबंधी कोई कागजात नहीं। ऐसे में राम मंदिर निर्माण पर सुनवाई लगभग 10 से 15 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। विश्व हिंदू परिषद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विहिप जैसे संगठन राम मंदिर के नाम पर अपना धंधा चला रहे हैं।
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कथा प्रवक्ता देवमुरारी बापू ने कहा कि महंत धर्मदास महाराज 29 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली पहली सुनवाई के बाद वृंदावन आकर संतों से मिलेंगे और रामजन्म भूमि के पक्ष को मजबूत करने के लिए देश भर में अभियान चलाया जाएगा। महामंडलेश्वर किशोरी शरण महाराज, वीरेंद्र चौबे भी उपस्थित थे।