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वार्ड के बाहर हुआ प्रसव, नवजात की मौत
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:32 PM IST
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मथुरा। एक बार फिर महिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है। प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लाई गई गर्भवती का वार्ड के बाहर ही प्रसव हो गया। इस बीच डाक्टर भर्ती के लिए कागज ही जमा कराते रहे। कुछ देर बाद बच्चे की भी मौत हो गई।
मांट के नगला घूरे निवासी अनिल कुमार की पत्नी को शनिवार सुबह करीब नौ बजे वृंदावन स्थित सौ शैया अस्पताल से मथुरा के महिला अस्पताल लाया गया। यहां जब परिजनों ने उसे भर्ती करने की गुहार लगाई तो स्टाफ ने कागज पूरे न होने का हवाला देते हुए उसे बाहर ही रोक दिया।
करीब दो घंटे बाद जब महिला भर्ती न हो सकी तो उसने अस्पताल परिसर में वार्ड के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया। आनन फानन में चिकित्सकों ने बच्चे को मशीन में भेजकर उसे ऑक्सीजन लगवाई और महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। दो घंटे बाद करीब 12:30 बजे नवजात को मृत घोषित कर दिया गया।
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अनिल कुमार ने बताया कि उन्हें कागजी कार्रवाई के नाम पर दो घंटे तक इधर-उधर दौड़ाया गया। बच्चा जिंदा हुआ था, वह बाद में मर गया।
इस संबंध में सीएमएस महिला अस्पताल डा. बसंत लाल ने बताया कि जन्म के समय बच्चे में सांस नहीं थी, जबकि महिला को तुरंत ही भर्ती कर लिया गया था।
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मांट के नगला घूरे निवासी अनिल कुमार की पत्नी को शनिवार सुबह करीब नौ बजे वृंदावन स्थित सौ शैया अस्पताल से मथुरा के महिला अस्पताल लाया गया। यहां जब परिजनों ने उसे भर्ती करने की गुहार लगाई तो स्टाफ ने कागज पूरे न होने का हवाला देते हुए उसे बाहर ही रोक दिया।
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करीब दो घंटे बाद जब महिला भर्ती न हो सकी तो उसने अस्पताल परिसर में वार्ड के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया। आनन फानन में चिकित्सकों ने बच्चे को मशीन में भेजकर उसे ऑक्सीजन लगवाई और महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। दो घंटे बाद करीब 12:30 बजे नवजात को मृत घोषित कर दिया गया।
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अनिल कुमार ने बताया कि उन्हें कागजी कार्रवाई के नाम पर दो घंटे तक इधर-उधर दौड़ाया गया। बच्चा जिंदा हुआ था, वह बाद में मर गया।
इस संबंध में सीएमएस महिला अस्पताल डा. बसंत लाल ने बताया कि जन्म के समय बच्चे में सांस नहीं थी, जबकि महिला को तुरंत ही भर्ती कर लिया गया था।