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दो साधन सहकारी समितियां निष्क्रिय
Updated Sat, 28 Oct 2017 12:13 AM IST
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किसान
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। जिले की सहकारी समितियों का किसनों पर 50 करोड़ से अधिक का बकाया चल रहा है। किसान के विकास की मुख्य एवं मजबूत कड़ी 60 साधन सहकारी समितियों में से दो समितियां निष्क्रिय हैं। शासन ने निष्क्रिय समितियों को शीघ्र चालू कराने को कहा है। भाजपा भी सहकारिता के क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए ग्राम स्तर पर सक्रिय हुई है।
साधन सहकारी समितियों की किसान को खेती के लिए खाद बीज उपलब्ध कराने में प्रमुख भूमिका रही है। पंजीकृत सदस्य किसानों को समितियंा खेती के लिए ऋण देती हैं। जिले में सहकारी समितियों का किसानों पर 50 करोड़ से अधिक का ऋण बकाया है। न्याय पंचायत स्तर पर गठित 60 सहकारी समितियों में से इस समय 58 ही सक्रिय हैं। दो समितियां पूरी तरह निष्क्रिय हैं।
यह समितियां सदस्य किसान को एक हेक्टेयर खेत पर खरीफ की फसल में 23520 रुपया तथा रवी की फसल में 20160 रुपया का ऋण देती हैं। रवी की फसल में आलू तथा लहसुन के लिए 55 हजार तक का ऋण दिया जाता है। सहकारी समिति तीन प्रतिशत ब्याज भी सदस्य किसान से लेती है। भाजपा भी किसानों के बीच पैठ बनाने के लिए सहकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हुई है। सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रभारी रमा तिवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक नेपाल सिंह शासन का कहना है कि निष्क्रिय सहकारी समितियों की जानकारी मांगी है। समितियां बंद होने के कारणों और चालू करने के सुझावों सहित आख्या मांगी गई है। स्थानीय स्तर पर भी निष्क्रिय समितियों को शीघ्र चालू कराने तथा बकाया वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
साधन सहकारी समितियों की किसान को खेती के लिए खाद बीज उपलब्ध कराने में प्रमुख भूमिका रही है। पंजीकृत सदस्य किसानों को समितियंा खेती के लिए ऋण देती हैं। जिले में सहकारी समितियों का किसानों पर 50 करोड़ से अधिक का ऋण बकाया है। न्याय पंचायत स्तर पर गठित 60 सहकारी समितियों में से इस समय 58 ही सक्रिय हैं। दो समितियां पूरी तरह निष्क्रिय हैं।
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यह समितियां सदस्य किसान को एक हेक्टेयर खेत पर खरीफ की फसल में 23520 रुपया तथा रवी की फसल में 20160 रुपया का ऋण देती हैं। रवी की फसल में आलू तथा लहसुन के लिए 55 हजार तक का ऋण दिया जाता है। सहकारी समिति तीन प्रतिशत ब्याज भी सदस्य किसान से लेती है। भाजपा भी किसानों के बीच पैठ बनाने के लिए सहकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हुई है। सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रभारी रमा तिवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक नेपाल सिंह शासन का कहना है कि निष्क्रिय सहकारी समितियों की जानकारी मांगी है। समितियां बंद होने के कारणों और चालू करने के सुझावों सहित आख्या मांगी गई है। स्थानीय स्तर पर भी निष्क्रिय समितियों को शीघ्र चालू कराने तथा बकाया वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।