फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   वकीलुद्दीन ने माउंट गंगोत्री थर्ड में फहराया तिरंगा

वकीलुद्दीन ने माउंट गंगोत्री थर्ड में फहराया तिरंगा

Wed, 27 Sep 2017 12:07 AM IST
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
वकीलुद्दीन ने माउंट गंगोत्री थर्ड में फहराया तिरंगा
फिरोजाबाद। जिले के जांबाज युवा पर्वतारोही वकीलउद्दीन ने मांउट गंगोत्री थर्ड फतह कर ली है। पर्वतारोहण में उनके कदम जब माउंट गंगोत्री की ओर बढे़ तो उसे फतह करने के बाद ही रुके। करीब 21, 850 फीट (5677मीटर) ऊंचाई पर जाकर तिरंगा फहरा कर सुरक्षित वापस लौट आए। अब यह युवा 15 अक्टूबर से माउंट ड्यू टिब्बा को फतह करने के लिए बुलंद हौंसले के साथ पर्वतारोहण करने निकलेगा।
विज्ञापन


खैरगढ़ के गांव सांखनी में जन्मे वकील उद्दीन ने माउंट गंगोत्री थर्ड पर तिरंगा फहराया। उनके साथ उत्तराखंड के नवीन सिंह एवं केरल के जोमी जेकोव गए थे। लेकिन जेकोब की हालत बिगड़ने से उन्हें वापस भेजा।
विज्ञापन


वकीलउद्दीन ने बताया कि उन्होंने दो सितंबर से पर्वतारोहण शुरु किया। 12 सितंबर को सुबह नौ बजे तिरंगा फहराकर फतह हासिल की। 17 सितंबर तक 21 हजार 850 फीट पर तिरंगा फहराकर वापस लौटना था, मगर जोश के कारण उन्होंने दो दिन पूर्व यात्रा खत्म कर ली। रास्ते में कई गिलेशियर पडे़, लेकिन उनके अनुकूल खुद को बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह फतह इंडियन माउंटेन्यरिंग फाउंडेशन की देखरेख में की। वकीलउद्दीन वर्तमान में विकट एडवेंचर दिल्ली में कार्य करते हैं। विकट एडवेंचर ने ही पर्वतारोहण अभियान कराया गया। वकील उद्दीन मनाली से लेह(लद्दाख) तक साईकिल से 11 दिन की यात्रा कर चुके हैं। करीब 18,380 फीट ऊंचाई पर साईकिल चलाई है।

इसके अलावा सन् 2009 में माउंट रिनाक सिक्कम में 17 हजार फीट ऊंचाई पर तिरंगा फहराया है। नौ हजार फीट ऊंचे माउंट पालुम को फतह कर चुके हैं। 2012 में स्पोर्ट्स क्लाइमिंग कंपटीशन में गोल्ड मेडल हासिल किया। 2015 में माउंट स्ट्रोक कांगरी लदख फतह कर चुके हैं।

वकीलउद्दीन की उम्र वर्तमान में 29 वर्ष है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही एडवेंचर का शौक था। वे सांखनी निवासी मासूम अली के बेटे हैं। प्राथमिक शिक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल में पूरी करने के बाद इंटर तक फिरोजाबाद में पढ़े। इसके बाद नेहरू इंस्टीट्यूट माउंटेयरिंग उत्तरकाशी, दार्जिलिंग माउंटेयरिंग से बेसिक एवं एडवांस कोर्स किया था।


पर्वतारोहण के दौरान एक साथी की तबियत खराब हो गई। उनका हौंसला टूटने लगा, मगर जुनून के आगे अपनी यात्रा जारी रखी। 11 सितंबर को 12 बजे बर्फीली हवाएं चलने लगीं। कुछ देर इंतजार के बाद फिर यात्रा शुरु की। यात्रा के दौरान नूडल्स एवं ड्राइफ्रूट खाएं। ब्यूटेन गैस से बर्फ से पानी बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed