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कोआपरेटिव ने किसानों को कर्ज पर खाद-बीज देना बंद किया
Updated Sun, 07 Oct 2018 08:24 PM IST
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मथुरा। सहकारी समितियों का किसानों द्वारा कर्ज न लौटाने और कर्ज का बोझ अधिक होने के चलते किसानों को अब उधार में खाद बीज देना बंद कर दिया है। रबी की फसल की बुवाई के लिए सहकारी समितियों पर पहुंच रहे किसानों को समितियों से लौटाया जा रहा है।
जनपद में 79 सहकारी समितियों से जुड़े 1.35 लाख किसान सदस्य हैं। समितियों से किसानों द्वारा खाद बीज आदि को लेकर लिया गया कर्ज दो साल में 68 करोड़ से बढ़कर 90 करोड़ रुपया पहुंच गया है। किसानों द्वारा कर्ज चुकता न करने को लेकर समितियों से अब किसानों को खाद बीज उधार में नहीं दिया जा रहा। आए दिन किसानों को समितियों से लौटाया जा रहा है। इसे लेकर किसान परेशान हैं।
मथुरा ब्लाक की समितियों पर 7.17 करोड़, फरह में 6.61 करोड़, गोवर्धन में 11.85 करोड़, राया में 7.50 करोड़, बलदेव में 13.89 करोड़, चौमुहां में 8.42 करोड़, छाता में 6.67 करोड़, नंदगांव में 11.43 करोड़, मांट में 5.95 करोड़, नौहझील में 9.46 करोड़ रुपया किसानों पर बकाया है। एआर कोआपरेटिव रविंद्र कुमार ने बताया कि कर्जमाफी के बाद से किसानों ने कर्ज चुकाना बंद कर दिया है। कोआपरेटिव बैंक से अब किसानों को उधार देना बंद कर दिया है। इसके चलते परेशानी उठानी पड़ रही है।
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जनपद में 79 सहकारी समितियों से जुड़े 1.35 लाख किसान सदस्य हैं। समितियों से किसानों द्वारा खाद बीज आदि को लेकर लिया गया कर्ज दो साल में 68 करोड़ से बढ़कर 90 करोड़ रुपया पहुंच गया है। किसानों द्वारा कर्ज चुकता न करने को लेकर समितियों से अब किसानों को खाद बीज उधार में नहीं दिया जा रहा। आए दिन किसानों को समितियों से लौटाया जा रहा है। इसे लेकर किसान परेशान हैं।
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मथुरा ब्लाक की समितियों पर 7.17 करोड़, फरह में 6.61 करोड़, गोवर्धन में 11.85 करोड़, राया में 7.50 करोड़, बलदेव में 13.89 करोड़, चौमुहां में 8.42 करोड़, छाता में 6.67 करोड़, नंदगांव में 11.43 करोड़, मांट में 5.95 करोड़, नौहझील में 9.46 करोड़ रुपया किसानों पर बकाया है। एआर कोआपरेटिव रविंद्र कुमार ने बताया कि कर्जमाफी के बाद से किसानों ने कर्ज चुकाना बंद कर दिया है। कोआपरेटिव बैंक से अब किसानों को उधार देना बंद कर दिया है। इसके चलते परेशानी उठानी पड़ रही है।
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