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दांतों के एक्सरे बंद, सीटी स्कैन मशीन खराब
दांतों के एक्सरे बंद, सीटी स्कैन मशीन खराब
Updated Tue, 25 Apr 2017 07:59 PM IST
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दांतों के एक्सरे बंद, सीटी स्कैन मशीन खराब
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अधिकारियों के निरीक्षण में जिला अस्पताल की खामियां परत दर परत खुल रही हैं। कमिश्नर के निर्देश पर सोमवार को जांच अधिकारी एडीए वीसी अजय यादव जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। करीब घंटे भर के निरीक्षण में तमाम खामियां मिलीं। सीटी स्कैन मशीन खराब पड़ी थी, दांतों के एक्सरे नहीं हो रहे थे। आईसीयू के एसी दुरुस्त नहीं कराए। मरीजों को दवाएं भी पूरी नहीं दी जा रही थी।
रविवार को कमिश्नर ने जिला अस्पताल को गोपनीय निरीक्षण किया था। अगले दिन उन्होंने एडीए वीसी को निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाने को कहा। सोमवार दोपहर 12 बजे एडीए वीसी निरीक्षण करने पहुंचे। आईसीयू में पंखा चल रहा था, एसी खराब था। सीटी स्कैन सेंटर गए, तो यहां मशीन खराब मिली। एसी भी दुरुस्त नहीं था। एक्सरे कक्ष में गए तो यहां दांतों के एक्सरे की सुविधा ठप पड़ी थी।
लीगल केस के अलावा अन्य मरीजों को एक्सरे फिल्म नहीं मिल रही थी। बाहर निकले तो आरओ प्लांट पर एक मशीन खराब पड़ी थी। एक ही टोंटी थी, जिस पर पानी के लिए भीड़ लगी हुई थी। वार्ड के पास भी पानी की व्यवस्था नहीं थी। परिसर में गंदगी पसरी हुई थी। दवा का स्टॉक रजिस्टर जांचा तो इसमें पर्याप्त दवाओं का जिक्र नहीं था। जांच अधिकारी एडीए वीसी अजय यादव ने बताया कि दांतों के एक्सरे नहीं हो रहे थे, सिटी स्कैन मशीन भी खराब थी, गंदगी मिली और पानी की व्यवस्था ठीक नहीं थी। रिपोर्ट तैयार कर कमिश्नर को सौंपेंगे।
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मंडल में रियलटी चेक में 58 कर्मचारी फंसे, कटेगा वेतन
मंडलायुक्त के. राममोहन राव के निर्देश पर मंडल में सोमवार को रियलटी चेक किया गया। इसमें 58 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी में आगरा से ही अधिकारी भेजकर औचक निरीक्षण कराया गया। सबसे अधिक कर्मचारी फिरोजाबाद में अनुपस्थित मिले। मंडलायुक्त ने सभी का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है।
नवागत मंडलायुक्त योगी सरकार के अनुरूप व्यवस्था लागू करने में जुट गए हैं। सोमवार को उन्होंने मंडल के जिलों में अपने अलग-अलग दूत भेजकर सुबह 10 बजे सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थित का रियलटी चेक कराया। इसमें सभी जिले फेल साबित हुए। निरीक्षण में एक भी जिला ऐसा नहीं मिला, जहां सभी उपस्थित हों। आरएफसी अतुल सिंह को फिरोजाबाद के निरीक्षण के लिए भेजा था। उन्हें यहां विकास भवन और जिला अस्पताल के 23 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। अपर आयुक्त प्रशासन प्रभात शर्मा ने मथुरा के विकास भवन, जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय और लेडी लायल पर धावा बोला। यहां विकास भवन में 22 और सीएमओ कार्यालय में एक कर्मचारी अनुपस्थित मिला।
आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अजय यादव ने आगरा विकास भवन और जिला अस्पताल का निरीक्षण। यहां जिला ग्राम्य विकास अभिकरण में दो, अर्थ एवं संख्याधिकारी में दो, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन में दो और विकास अधिकारी कार्यालय में एक कर्मचारी सहित कुल सात कर्मचारी अनुपस्थित मिले। प्राधिकरण के सचिव राजकुमार ने मैनपुरी में रियलटी चेक किया। यहां उन्होंने विकास भवन और जिला अस्पताल के अलावा अन्य विभागों का भी निरीक्षण किया। विकास भवन में एक, पशुपालन विभाग में दो, एक लेखाकार, अर्थ एवं सांख्यिकी कार्यालय में एक, कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में एक कर्मचारी अनुपस्थित मिला। मंडलायुक्त ने इन सभी का वेतन काटने का आदेश दिया है। इन सभी अधिकारियों ने सरकारी कार्यालयों में साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया।
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रविवार को कमिश्नर ने जिला अस्पताल को गोपनीय निरीक्षण किया था। अगले दिन उन्होंने एडीए वीसी को निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाने को कहा। सोमवार दोपहर 12 बजे एडीए वीसी निरीक्षण करने पहुंचे। आईसीयू में पंखा चल रहा था, एसी खराब था। सीटी स्कैन सेंटर गए, तो यहां मशीन खराब मिली। एसी भी दुरुस्त नहीं था। एक्सरे कक्ष में गए तो यहां दांतों के एक्सरे की सुविधा ठप पड़ी थी।
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लीगल केस के अलावा अन्य मरीजों को एक्सरे फिल्म नहीं मिल रही थी। बाहर निकले तो आरओ प्लांट पर एक मशीन खराब पड़ी थी। एक ही टोंटी थी, जिस पर पानी के लिए भीड़ लगी हुई थी। वार्ड के पास भी पानी की व्यवस्था नहीं थी। परिसर में गंदगी पसरी हुई थी। दवा का स्टॉक रजिस्टर जांचा तो इसमें पर्याप्त दवाओं का जिक्र नहीं था। जांच अधिकारी एडीए वीसी अजय यादव ने बताया कि दांतों के एक्सरे नहीं हो रहे थे, सिटी स्कैन मशीन भी खराब थी, गंदगी मिली और पानी की व्यवस्था ठीक नहीं थी। रिपोर्ट तैयार कर कमिश्नर को सौंपेंगे।
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मंडल में रियलटी चेक में 58 कर्मचारी फंसे, कटेगा वेतन
मंडलायुक्त के. राममोहन राव के निर्देश पर मंडल में सोमवार को रियलटी चेक किया गया। इसमें 58 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी में आगरा से ही अधिकारी भेजकर औचक निरीक्षण कराया गया। सबसे अधिक कर्मचारी फिरोजाबाद में अनुपस्थित मिले। मंडलायुक्त ने सभी का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है।
नवागत मंडलायुक्त योगी सरकार के अनुरूप व्यवस्था लागू करने में जुट गए हैं। सोमवार को उन्होंने मंडल के जिलों में अपने अलग-अलग दूत भेजकर सुबह 10 बजे सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थित का रियलटी चेक कराया। इसमें सभी जिले फेल साबित हुए। निरीक्षण में एक भी जिला ऐसा नहीं मिला, जहां सभी उपस्थित हों। आरएफसी अतुल सिंह को फिरोजाबाद के निरीक्षण के लिए भेजा था। उन्हें यहां विकास भवन और जिला अस्पताल के 23 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। अपर आयुक्त प्रशासन प्रभात शर्मा ने मथुरा के विकास भवन, जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय और लेडी लायल पर धावा बोला। यहां विकास भवन में 22 और सीएमओ कार्यालय में एक कर्मचारी अनुपस्थित मिला।
आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अजय यादव ने आगरा विकास भवन और जिला अस्पताल का निरीक्षण। यहां जिला ग्राम्य विकास अभिकरण में दो, अर्थ एवं संख्याधिकारी में दो, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन में दो और विकास अधिकारी कार्यालय में एक कर्मचारी सहित कुल सात कर्मचारी अनुपस्थित मिले। प्राधिकरण के सचिव राजकुमार ने मैनपुरी में रियलटी चेक किया। यहां उन्होंने विकास भवन और जिला अस्पताल के अलावा अन्य विभागों का भी निरीक्षण किया। विकास भवन में एक, पशुपालन विभाग में दो, एक लेखाकार, अर्थ एवं सांख्यिकी कार्यालय में एक, कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में एक कर्मचारी अनुपस्थित मिला। मंडलायुक्त ने इन सभी का वेतन काटने का आदेश दिया है। इन सभी अधिकारियों ने सरकारी कार्यालयों में साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया।