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आरोप: प्रसूता के पति ने 500 रुपये नहीं दिए तो बीच रास्ते से एंबुलेंस लौटा ले गया चालक
Tue, 10 Dec 2019 12:16 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 10 Dec 2019 12:16 AM IST
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एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में तीमारदार पति ने 102 एंबुलेंस स्टाफ पर 500 रुपये नहीं देने पर प्रसूता को बीच रास्ते से लौटाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छोड़ने का आरोप लगाया। आरोप है कि स्टाफ ने सीएचसी प्रभारी के कहने पर भी प्रसूता को घर नहीं छोड़ा। इस पर एंबुलेंस प्रभारी से शिकायत की और दूसरा स्टाफ बुलाकर प्रसूता को घर छुड़वाया।
शहर के टेढ़ी बगिया स्थित नाई की सराय निवासी यूनिस अली ने गर्भवती पत्नी खुशबू को रविवार की शाम खंदौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यहां शाम को खुशबू ने बच्चे को जन्म दिया। सुबह करीब 10 बजे प्रसूता को डिस्चार्ज कर दिया, घर छोड़ने के लिए यूनिस ने 102 एंबुलेंस सेवा पर फोन कर दिया।
यूनिस ने बताया कि एंबुलेंस आई, इसमें स्टाफ नर्स भी बैठकर गई। रास्ते में नर्स उतर गई। यूनिस का आरोप है कि थोड़ी दूर चलने के बाद स्टाफ ने 500 रुपये मांगे। उसने कहा कि यह तो फ्री सेवा है, उसके पास रुपये नहीं है। इस पर चालक एंबुलेंस को लौटाकर सीएचसी ले आया।
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शहर के टेढ़ी बगिया स्थित नाई की सराय निवासी यूनिस अली ने गर्भवती पत्नी खुशबू को रविवार की शाम खंदौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यहां शाम को खुशबू ने बच्चे को जन्म दिया। सुबह करीब 10 बजे प्रसूता को डिस्चार्ज कर दिया, घर छोड़ने के लिए यूनिस ने 102 एंबुलेंस सेवा पर फोन कर दिया।
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यूनिस ने बताया कि एंबुलेंस आई, इसमें स्टाफ नर्स भी बैठकर गई। रास्ते में नर्स उतर गई। यूनिस का आरोप है कि थोड़ी दूर चलने के बाद स्टाफ ने 500 रुपये मांगे। उसने कहा कि यह तो फ्री सेवा है, उसके पास रुपये नहीं है। इस पर चालक एंबुलेंस को लौटाकर सीएचसी ले आया।
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इसकी शिकायत सीएचसी प्रभारी से की तो उन्होंने चालक से प्रसूता को छोड़ने की कहा, लेकिन वो नहीं माना। इस पर उसने एंबुलेंस प्रभारी से शिकायत की गई। दूसरा चालक आया और प्रसूता को टेढ़ी बगिया उसके घर छोड़कर गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि एंबुलेंस चालक पर प्रसूता के पति ने 500 रुपये मांगने का आरोप लगाया। लेकिन एंबुलेंस चालक प्रसूता को बीच रास्ते से लौटकार नहीं लाया है।
'जांच कराई जा रही है'
सीएमओ डॉ मुकेश वत्स ने कहा कि शुरुआती जांच में चालक पर रुपये न देने पर प्रसूता का वापस लाने का आरोप है, चालक-सीएचसी प्रभारी प्रसूता को बीच रास्ते से लौटाकर नहीं लाने की बात कह रहे हैं। दोनों में विरोधाभास है, इसकी जांच कराई जा रही है।
102 एंबुलेंस सेवा प्रभारी मिथिलेश त्रिपाठी ने कहा कि डिस्चार्ज स्लिप नहीं देने पर एंबुलेंस स्टाफ सीएचसी से ही प्रसूता को लेकर नहीं गया। रुपये मांगे हैं या फिर बीच रास्ते से एंबुलेंस लेकर स्टाफ वापस गया है, इसकी जांच के लिए प्रसूता के घर मंगलवार को टीम भेजी जाएगी।
12 घंटे में ही प्रसूता को कर दिया डिस्चार्ज
खुशबू को रविवार की रात करीब 10 बजे प्रसव हुआ और सुबह दस बजे के करीब डिस्चार्ज कर दिया, जबकि सामान्य प्रसव होने पर 24 घंटे तक भर्ती रखा जाना चाहिए। लेकिन 12 घंटे में ही प्रसूता को डिस्चार्ज कर दिया। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि प्रसूता का पति जबरन डिस्चार्ज कराके ले गया।
'जांच कराई जा रही है'
सीएमओ डॉ मुकेश वत्स ने कहा कि शुरुआती जांच में चालक पर रुपये न देने पर प्रसूता का वापस लाने का आरोप है, चालक-सीएचसी प्रभारी प्रसूता को बीच रास्ते से लौटाकर नहीं लाने की बात कह रहे हैं। दोनों में विरोधाभास है, इसकी जांच कराई जा रही है।
102 एंबुलेंस सेवा प्रभारी मिथिलेश त्रिपाठी ने कहा कि डिस्चार्ज स्लिप नहीं देने पर एंबुलेंस स्टाफ सीएचसी से ही प्रसूता को लेकर नहीं गया। रुपये मांगे हैं या फिर बीच रास्ते से एंबुलेंस लेकर स्टाफ वापस गया है, इसकी जांच के लिए प्रसूता के घर मंगलवार को टीम भेजी जाएगी।
12 घंटे में ही प्रसूता को कर दिया डिस्चार्ज
खुशबू को रविवार की रात करीब 10 बजे प्रसव हुआ और सुबह दस बजे के करीब डिस्चार्ज कर दिया, जबकि सामान्य प्रसव होने पर 24 घंटे तक भर्ती रखा जाना चाहिए। लेकिन 12 घंटे में ही प्रसूता को डिस्चार्ज कर दिया। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि प्रसूता का पति जबरन डिस्चार्ज कराके ले गया।