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बंदरों को जहर देकर मारने वालों को होगी 5 साल की सजा
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बंदर
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वृंदावन (मथुरा)। नगर में लगातार हो रही बंदरों की मौत की गुत्थी न तो वन विभाग ही सुलझा पाया है और न ही पुलिस। गोविंद बाग क्षेत्र में मारे गए दो बंदरों के विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद इसका खुलासा हो सकेगा। जांच में बंदरों को जहर देने की पुष्टि होती है तो ऐसे लोगों को पांच साल तक की सजा हो सकती है।
वार्ड नंबर 70 के गोविंद बाग क्षेत्र में अब तक हुई बंदरों की मौत का कारण फिलहाल आगरा स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आने वाली रिपोर्ट पर टिका है। स्थानीय लोग बंदरों को जहर देकर मारे जाने की आशंका भी जता चुके हैं। यदि ऐसा पाया गया कि बंदरों की मौत जहर देकर की गई है तो निश्चित ही पशु क्रूरता अधिनियम के तहत आईपीसी की धारा 429 में दोषियों पर कार्रवाई संभव है। धारा 429 के तहत 50 रुपये या उससे अधिक के मूल्य के जीव-जंतु का वध या विकलांग करने की कुचेष्टा करने वालों को पांच वर्ष का कारावास या आर्थिक दंड 50 रुपये अथवा दोनों हो सकता है।
साल 2016 में तमिलनाडु स्थित वेल्लूर के मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने एक बंदर को रस्सी से बांधकर उसे डंडे व बेल्टों से पीटा था। साथ ही उसे जलाकर उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी। मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 429 व वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
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विसरा जांच को भेजा गया है, रिपोर्ट आने में समय लगता है। यदि ऐसा पाया गया तो दोषियों के खिलाफ धारा 429 के तहत कम से कम एक माह का कारावास व जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
-संजीव कुमार दुबे, कोतवाली प्रभारी
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वार्ड नंबर 70 के गोविंद बाग क्षेत्र में अब तक हुई बंदरों की मौत का कारण फिलहाल आगरा स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आने वाली रिपोर्ट पर टिका है। स्थानीय लोग बंदरों को जहर देकर मारे जाने की आशंका भी जता चुके हैं। यदि ऐसा पाया गया कि बंदरों की मौत जहर देकर की गई है तो निश्चित ही पशु क्रूरता अधिनियम के तहत आईपीसी की धारा 429 में दोषियों पर कार्रवाई संभव है। धारा 429 के तहत 50 रुपये या उससे अधिक के मूल्य के जीव-जंतु का वध या विकलांग करने की कुचेष्टा करने वालों को पांच वर्ष का कारावास या आर्थिक दंड 50 रुपये अथवा दोनों हो सकता है।
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साल 2016 में तमिलनाडु स्थित वेल्लूर के मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने एक बंदर को रस्सी से बांधकर उसे डंडे व बेल्टों से पीटा था। साथ ही उसे जलाकर उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी। मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 429 व वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
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