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प्रदूषण बोर्ड ने जारी किया 77 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस्र
Updated Mon, 06 Aug 2018 08:31 PM IST
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डेमो
- फोटो : SELF
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मथुरा। ताज ट्रिपेजियम जोन के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों में अब कोयला उपयोग नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने 77 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी कर दिए हैं। शपथ पत्र के साथ कोयला उपयोग न करने की जानकारी मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ताज ट्रिपेजियम जोन अंतर्गत कोयले का उपयोग प्रतिबंधित है। इस दायरे में आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस और मथुरा आता है। मथुरा क्षेत्र में ऐसी 77 औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां कोयले की भट्ठियों का उपयोग होता था। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद कमिश्नर के राम मोहन राव ने संबंधित जनपदों में इस आदेश का पालन कड़ाई से कराने के आदेश दिए हैं। इस पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने नोटिस जारी कर दिए हैं।
क्षेत्रीय अधिकारी डा. अरविंद कुमार ने बताया कि मथुरा में 77 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित इकाइयों को आठ दिन में शपथ पत्र के साथ बताना होगा कि संबंधित इकाई में कोयला उपयोग नहीं किया जा रहा है। डा. कुमार ने बताया कि शपथ पत्र के बाद संबंधित इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए मंडल स्तर से कमेटियां गठित होंगी, जिनमें पुलिस, प्रशासन और जिला उद्योग केंद्र के अफसर भी शामिल होंगे।
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सांवरिया ग्रुप से मांगी पीएनजी की रिपोर्ट
मथुरा में पीएनजी की आपूर्ति कर रही एजेंसी सांवरिया ग्रुप से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक इकाइयों में उपयोग हो रही गैस का संपूर्ण विवरण मांगा है। इसमें कौन सी इकाई, कब से और कितनी गैस का उपयोग कर रही है। इससे औद्योगिक इकाइयों द्वारा दिए जाने वाले शपथ पत्र की हकीकत भी सामने आ जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ताज ट्रिपेजियम जोन अंतर्गत कोयले का उपयोग प्रतिबंधित है। इस दायरे में आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस और मथुरा आता है। मथुरा क्षेत्र में ऐसी 77 औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां कोयले की भट्ठियों का उपयोग होता था। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद कमिश्नर के राम मोहन राव ने संबंधित जनपदों में इस आदेश का पालन कड़ाई से कराने के आदेश दिए हैं। इस पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने नोटिस जारी कर दिए हैं।
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क्षेत्रीय अधिकारी डा. अरविंद कुमार ने बताया कि मथुरा में 77 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित इकाइयों को आठ दिन में शपथ पत्र के साथ बताना होगा कि संबंधित इकाई में कोयला उपयोग नहीं किया जा रहा है। डा. कुमार ने बताया कि शपथ पत्र के बाद संबंधित इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए मंडल स्तर से कमेटियां गठित होंगी, जिनमें पुलिस, प्रशासन और जिला उद्योग केंद्र के अफसर भी शामिल होंगे।
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सांवरिया ग्रुप से मांगी पीएनजी की रिपोर्ट
मथुरा में पीएनजी की आपूर्ति कर रही एजेंसी सांवरिया ग्रुप से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक इकाइयों में उपयोग हो रही गैस का संपूर्ण विवरण मांगा है। इसमें कौन सी इकाई, कब से और कितनी गैस का उपयोग कर रही है। इससे औद्योगिक इकाइयों द्वारा दिए जाने वाले शपथ पत्र की हकीकत भी सामने आ जाएगी।