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अब मूर्तियां खुद बताएंगी अपना इतिहास
Updated Sun, 08 Apr 2018 08:14 PM IST
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मूर्ति।
- फोटो : डैमो
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मथुरा। जब आप राजकीय संग्रहालय की गैलरी में लगी मूर्तियां के सामने पहुंचेंगे तो ये मूर्तियां अपना इतिहास खुद बताएंगी। डिजिटल गाइड इन्हें ऑपरेट करेगा। 150 मूर्तियों के डिजिटलाइजेशन का काम शुरू होने जा रहा है।
राजकीय संग्रहालय की गैलरी में कुषाण काल, गुप्तकाल, बौद्धकाल, मौर्यकाल, शुंग काल सहित कई कालखंड की बेमिसाल मूर्तियां लगी है। इन मूर्तियों को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक संग्रहालय आते हैं। इनमें विदेशी पर्यटकों की संख्या अच्छी खासी है।
अब संग्रहालय प्रशासन इन मूर्तियों का डिजिटलाइजेशन कराने जा रहा है। इसमें ऑडियो सिस्टम लगाया जाना है। जब पर्यटक इन मूर्तियों के सामने पहुंचेंगे तो मूर्तियां अपने कालखंड के साथ ही अपना पूरा इतिहास बताएंगी। संग्रहालय के डिप्टी डायरेक्टर डा.एसपी सिंह ने बताया ये कार्य लखनऊ की एक एजेंसी को दिया गया है। कुल 53 लाख की लागत से डिजिटलाइजेशन कराया जाना है। जल्द ही ये कार्य शुरू हो जाएगा।
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राजकीय संग्रहालय की गैलरी में कुषाण काल, गुप्तकाल, बौद्धकाल, मौर्यकाल, शुंग काल सहित कई कालखंड की बेमिसाल मूर्तियां लगी है। इन मूर्तियों को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक संग्रहालय आते हैं। इनमें विदेशी पर्यटकों की संख्या अच्छी खासी है।
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अब संग्रहालय प्रशासन इन मूर्तियों का डिजिटलाइजेशन कराने जा रहा है। इसमें ऑडियो सिस्टम लगाया जाना है। जब पर्यटक इन मूर्तियों के सामने पहुंचेंगे तो मूर्तियां अपने कालखंड के साथ ही अपना पूरा इतिहास बताएंगी। संग्रहालय के डिप्टी डायरेक्टर डा.एसपी सिंह ने बताया ये कार्य लखनऊ की एक एजेंसी को दिया गया है। कुल 53 लाख की लागत से डिजिटलाइजेशन कराया जाना है। जल्द ही ये कार्य शुरू हो जाएगा।
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