मेरठ: गैंगरेप पीड़िता का गायब मिला गर्भाशय
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अपहरण के बाद गैंगरेप और जबरन धर्म परिवर्तन के सनसनीखेज खुलासे के बाद दूसरे दिन भी खरखौदा और आसपास के इलाकों में तनाव की स्थिति रही। सोमवार को पीड़ित युवती का अल्ट्रासाउंड और एक्सरे हुआ, इसमें किडनी तो सुरक्षित बताई गई हैं।
लेकिन रिपोर्ट में यूट्रस (गर्भाशय) स्पष्ट न दिखाई देने पर परिजन और पीड़ित के वकील ने यूट्रस निकाले जाने की आशंका जताई है। हालांकि डॉक्टर ने गर्भाशय संबंधी परीक्षण मेडिकल कॉलेज से कराने की सलाह दी है।
सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने युवती को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। तबीयत खराब होने के कारण उसके बयान दर्ज नहीं हो सके। कोर्ट लाने से पूर्व पीड़ित युवती को जिला महिला चिकित्सालय ले जाया गया। क्योंकि उसके पेट के ऑपरेशन संबंधी जांच करानी जरूरी थी।
भारी भीड़ के चलते कोर्ट के बाहर पुलिस तैनात
अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कराकर जैसे ही युवती को लेकर पुलिस जाने लगी, तभी सीओ सिविल लाइन आ गए। पुलिसकर्मियों को रोककर डॉक्टर से बात करने लगे। युवती के भाई और अन्य लोगों ने डॉक्टरी रिपोर्ट में छेड़छाड़ की कोशिश का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सीओ से कहासुनी हुई।
सीओ वहां से चले गए। इसके बाद दो बजे युवती को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (तृतीय) की कोर्ट में लाया गया। भारी भीड़ के चलते कोर्ट के बाहर पुलिस तैनात रही। फिर 164 के तहत बयान दर्ज कराने को लिंक कोर्ट अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) में पेश की गई।
तबीयत खराब होने के कारण युवती ने बयान दर्ज कराने में असहमति जताई और समय मांगा। पीड़िता के वकील अजय कुमार त्यागी ने बताया कि अब मंगलवार को बयान होंगे।
हिंदू संगठन के लोगों ने महासभा की
वहीं, मामले में नामजद आरोपी नवाब प्रधान, समरजहां पत्नी सनाउल्ला और निशात पुत्री हसमत को पुलिस ने शाम पांच बजे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जिसके बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।
उधर, वारदात के विरोध में हिंदू संगठन के लोगों ने खरखौदा में सोमवार दोपहर महासभा की। मुजफ्फरनगर से साध्वी प्राची ने भी पीड़िता के घर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। वहीं खरखौदा और आसपास के गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और पीएसी गांव में कैंप किए हुए है।
लखनऊ स्तर से आला अफसर भी पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग का कहना है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी जेल भेज दिए गए हैं, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है। गांव में शांति है, एहतियातन पुलिस और पीएसी तैनात है।
यह था मामला
खरखौदा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती का 23 जुलाई को अपहरण हुआ था। रविवार को किसी तरह परिजनों के पास पहुंची युवती ने खुलासा किया था कि उसे हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर, मुजफ्फरनगर और देवबंद के मदरसे में कैद करके रखा गया।
हापुड़ स्थित मदरसे में उससे गैंगरेप हुआ और धर्म परिवर्तन संबंधित शपथ पत्र पर उससे जबरन हस्ताक्षर कराए गए। पीड़िता के परिवार ने खरखौदा थाने में तहरीर दी, तो पुलिस रिपोर्ट दर्ज न कर टालमटोल करने लगी।
इसके बाद भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विधायक रविंद्र भड़ाना समेत हिंदू संगठन और भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
इसके बाद ग्राम प्रधान नवाब पुत्र यासीन, सनाउल्ला पुत्र बकाउल्ला, निशात पुत्री हसमत, समरजहां पत्नी सनाउल्ला और हाफिज जी निवासी मदरसा हापुड़ तथा चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ था।