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ट्रस्ट और बिल्डर के ठिकानों पर छापे
Lucknow
Updated Sat, 03 Aug 2013 05:34 AM IST
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लखनऊ। आयकर विभाग ने बुधवार को हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट एवं बिल्डर एप्को इंफ्रास्ट्रक्चर के 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें चैरिटेबल ट्रस्ट के पांच एवं बिल्डर के सात ठिकाने शामिल रहे। चैरिटेबल ट्रस्ट के लखनऊ स्थित शेखर अस्पताल में आयकर अफसरों और सुरक्षाकर्मियों के बीच गेट खोलने को लेकर झड़प भी हुई। दोनों पक्षों में धक्कामुक्की होने के बाद भी जब आयकर अफसर जांच करने के लिए अस्पताल में दाखिल नहीं हो सके तो उन्होंने पुलिस फोर्स बुलाई। पुलिस ने हस्तक्षेप करके अस्पताल का गेट खुलवाया। इसके बाद अफसर अस्पताल में प्रवेश कर सके और जांच की प्रक्रिया शुरू हुई। अफसरों ने चैरिटेबल ट्रस्ट एवं बिल्डर के ठिकानों से तमाम दस्तावेजों को सीज किया है। वहीं, हिंद मेडिकल कॉलेज से लाखों रुपये बरामद हुए हैं। ये रुपये निदेशक के कक्ष से मिले हैं।
चैरिटेबल ट्रस्ट के पांच ठिकानों में लखनऊ के इंदिरानगर बी ब्लॉक स्थित शेखर अस्पताल, इसी इलाके में अस्पताल के मुखिया एवं निदेशक के आवास, बाराबंकी के सफेदाबाद स्थित हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस (मेडिकल कॉलेज) एवं ट्रस्ट के दफ्तर जांच के दायरे में आए। सभी ठिकानोें पर छापेमारी के बाद सुबह करीब 8 बजे से जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई, लेकिन अफसरों की टीम शेखर अस्पताल में दाखिल नहीं हो सकी। यह टीम सुबह 7:45 बजे पहुंची तो अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। अस्पताल का गेट खुलवाने को लेकर अफसरों ने दबाव बनाया तो सुरक्षाकर्मी भी अड़ गए और चेतावनी दी कि जब तक मुखिया का आदेश नहीं मिलेगा किसी को दाखिल नहीं होने देेंगे। इसके बाद धक्कामुक्की शुरू हो गई। दोनों पक्षों में आधे घंटे तक झड़प होने के बाद अफसरों ने गाजीपुर थाने से पुलिस फोर्स बुलाई। पुलिस ने अस्पताल का गेट खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने गेट पर अपना डेरा डाला तो जांच की कार्यवाही शुरू हुई।
वहीं, मेडिकल कॉलेज में जब अफसरों ने निदेशक के कक्ष का ताला तोड़कर जांच की तो वहां से लाखों रुपये बरामद हुए। सूत्रों की माने तो यह नकदी 50 लाख रुपये से अधिक है। संयुक्त निदेशक निमिशा सिंह ने नकदी बरामद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि कुल कितने रुपये मिले इसकी जानकारी बृहस्पतिवार को दी जाएगी।
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हाथ लगे बेनामी जमीनों के दस्तावेज
एप्को इंफ्रास्ट्रक्चर यानी बिल्डर अनिल सिंह की कंपनी के सात ठिकानों पर छापेमारी की गई। इनमें दो लखनऊ, चार कोलकाता एवं एक ठिकाना गुड़गांव में है। कंपनी का मुख्यालय लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विभूति खंड में है। यहीं पर अनिल सिंह का आवास भी है, जबकि कंपनी का कॉर्पोरेट दफ्तर गुड़गांव में हैं। संयुक्त निदेशक (जांच) निमिषा सिंह ने बताया कि एप्को कंपनी के दफ्तरों से कंप्यूटर की हार्डडिस्क एवं कारोबारी दस्तावेज सीज किए गए हैं। जांच के दौरान कई शहरों में बेनामी जमीनों के दस्तावेज हाथ लगे हैं। इसके अलावा सिंह के आवास से निवेश के साक्ष्य भी पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी ठिकानों पर जांच जारी है। जानकारी में आया है कि अनिल सिंह सड़क निर्माण के बड़े ठेकेदार हैं। माया सरकार में लोक निर्माण विभाग से उन्हें कई सौ करोड़ रुपये का सड़क बनाने का ठेका मिला था।
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चैरिटेबल ट्रस्ट के पांच ठिकानों में लखनऊ के इंदिरानगर बी ब्लॉक स्थित शेखर अस्पताल, इसी इलाके में अस्पताल के मुखिया एवं निदेशक के आवास, बाराबंकी के सफेदाबाद स्थित हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस (मेडिकल कॉलेज) एवं ट्रस्ट के दफ्तर जांच के दायरे में आए। सभी ठिकानोें पर छापेमारी के बाद सुबह करीब 8 बजे से जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई, लेकिन अफसरों की टीम शेखर अस्पताल में दाखिल नहीं हो सकी। यह टीम सुबह 7:45 बजे पहुंची तो अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। अस्पताल का गेट खुलवाने को लेकर अफसरों ने दबाव बनाया तो सुरक्षाकर्मी भी अड़ गए और चेतावनी दी कि जब तक मुखिया का आदेश नहीं मिलेगा किसी को दाखिल नहीं होने देेंगे। इसके बाद धक्कामुक्की शुरू हो गई। दोनों पक्षों में आधे घंटे तक झड़प होने के बाद अफसरों ने गाजीपुर थाने से पुलिस फोर्स बुलाई। पुलिस ने अस्पताल का गेट खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने गेट पर अपना डेरा डाला तो जांच की कार्यवाही शुरू हुई।
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वहीं, मेडिकल कॉलेज में जब अफसरों ने निदेशक के कक्ष का ताला तोड़कर जांच की तो वहां से लाखों रुपये बरामद हुए। सूत्रों की माने तो यह नकदी 50 लाख रुपये से अधिक है। संयुक्त निदेशक निमिशा सिंह ने नकदी बरामद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि कुल कितने रुपये मिले इसकी जानकारी बृहस्पतिवार को दी जाएगी।
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हाथ लगे बेनामी जमीनों के दस्तावेज
एप्को इंफ्रास्ट्रक्चर यानी बिल्डर अनिल सिंह की कंपनी के सात ठिकानों पर छापेमारी की गई। इनमें दो लखनऊ, चार कोलकाता एवं एक ठिकाना गुड़गांव में है। कंपनी का मुख्यालय लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विभूति खंड में है। यहीं पर अनिल सिंह का आवास भी है, जबकि कंपनी का कॉर्पोरेट दफ्तर गुड़गांव में हैं। संयुक्त निदेशक (जांच) निमिषा सिंह ने बताया कि एप्को कंपनी के दफ्तरों से कंप्यूटर की हार्डडिस्क एवं कारोबारी दस्तावेज सीज किए गए हैं। जांच के दौरान कई शहरों में बेनामी जमीनों के दस्तावेज हाथ लगे हैं। इसके अलावा सिंह के आवास से निवेश के साक्ष्य भी पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी ठिकानों पर जांच जारी है। जानकारी में आया है कि अनिल सिंह सड़क निर्माण के बड़े ठेकेदार हैं। माया सरकार में लोक निर्माण विभाग से उन्हें कई सौ करोड़ रुपये का सड़क बनाने का ठेका मिला था।