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गोमती तीरे करें द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन
Lucknow
Updated Sun, 14 Jul 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ । यदि आपकी ख्वाहिश इस बार सावन में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की है और किसी वजह से आपका जाना संभव नहीं हो रहा है, तो निराश न हों। आप शहर में ही 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे, वह भी महज 20 से 25 मिनट में। इतना ही नहीं उत्तराखंड में पहाड़ पर आई जल प्रलय में तबाह हुए केदारनाथ धाम के दर्शन का भी सौभाग्य मिलेगा। यह सब संभव होगा गोमती किनारे स्थित खाटू श्याम मंदिर में सज रही झांकी में। यहां भक्त 23 जुलाई से शुरू हो रहे सावन के पहले दिन द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे।
खाटू श्याम धाम के मीडिया प्रभारी सुधीश गर्ग ने बताया कि बीते एक महीने से 25 हजार स्क्वॉयर फीट से अधिक के इलाके में झांकी का तैयार की जा रही है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से आए 40 से अधिक कारीगर दिन-रात झांकियों को सजाने में लगे हैं। झांकी में दो भारी भरकम झरनों के अलावा खाटू श्याम की झांकियां भी सजेंगी। एक झरना बनकर तैयार हो चुका है, जबकि एक बन रहा है। झांकियों को प्राकृतिक बनावट देने के लिये कुछ ज्योर्तिलिंगों को 20 फीट की ऊंचाई पर सजाया जा रहा है। अधिकतर के स्वरूप बन चुके हैं, बस वहां शिवालय और मंदिर का स्वरूप विराजना बाकी है।
जंबो झांकी है ये
सुधीश गर्ग कहते हैं कि यह जंबो झांकी है। अब तक दो ट्रक बोरों के बंडल, 500 से 600 बोरे प्लास्टर आफ पेरिस, 6 ट्रक टिंबर (बांस-बल्ली-पटरे), एक कुंतल से अधिक वजन में मोटी कीलें लग चुकी हैं। फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में हैं। झांकी शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक खुलेगी। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि इस दौरान एक दिन में 12 से 15 हजार शहरी इसे देखने जुट सकते हैं। ऐसे में 20 सिक्योरिटी गार्ड के अलावा धाम के 50 स्वंयसेवक और देखरेख के लिये दर्जन भर सीसीटीवी भी लगेंगे।
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केदारनाथ धाम पर विशेष काम
उत्तराखंड में आई त्रासदी केचलते अपना केदारनाथ जाने का टूर कैंसिल कर चुके शहरियों को केदारनाथ केसाक्षात दर्शनों के लिये यहां उसे झांकी पर विशेष काम किया जा रहा है। मंदिर सा स्वरूप देने के अलावा वहां तक पहुंचने के लिये लगभग 100 फीट के मार्ग को ऊबड़-खाबड़ और घुमावदार बनाया गया है। रास्तें में पहले रामबाड़ा और गौरीकुंड के स्टॅापेज भी बनाने की तैयारी थी। बाद में त्रासदी के चलते प्लान में बदलाव किया गया।
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खाटू श्याम धाम के मीडिया प्रभारी सुधीश गर्ग ने बताया कि बीते एक महीने से 25 हजार स्क्वॉयर फीट से अधिक के इलाके में झांकी का तैयार की जा रही है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से आए 40 से अधिक कारीगर दिन-रात झांकियों को सजाने में लगे हैं। झांकी में दो भारी भरकम झरनों के अलावा खाटू श्याम की झांकियां भी सजेंगी। एक झरना बनकर तैयार हो चुका है, जबकि एक बन रहा है। झांकियों को प्राकृतिक बनावट देने के लिये कुछ ज्योर्तिलिंगों को 20 फीट की ऊंचाई पर सजाया जा रहा है। अधिकतर के स्वरूप बन चुके हैं, बस वहां शिवालय और मंदिर का स्वरूप विराजना बाकी है।
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जंबो झांकी है ये
सुधीश गर्ग कहते हैं कि यह जंबो झांकी है। अब तक दो ट्रक बोरों के बंडल, 500 से 600 बोरे प्लास्टर आफ पेरिस, 6 ट्रक टिंबर (बांस-बल्ली-पटरे), एक कुंतल से अधिक वजन में मोटी कीलें लग चुकी हैं। फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में हैं। झांकी शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक खुलेगी। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि इस दौरान एक दिन में 12 से 15 हजार शहरी इसे देखने जुट सकते हैं। ऐसे में 20 सिक्योरिटी गार्ड के अलावा धाम के 50 स्वंयसेवक और देखरेख के लिये दर्जन भर सीसीटीवी भी लगेंगे।
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केदारनाथ धाम पर विशेष काम
उत्तराखंड में आई त्रासदी केचलते अपना केदारनाथ जाने का टूर कैंसिल कर चुके शहरियों को केदारनाथ केसाक्षात दर्शनों के लिये यहां उसे झांकी पर विशेष काम किया जा रहा है। मंदिर सा स्वरूप देने के अलावा वहां तक पहुंचने के लिये लगभग 100 फीट के मार्ग को ऊबड़-खाबड़ और घुमावदार बनाया गया है। रास्तें में पहले रामबाड़ा और गौरीकुंड के स्टॅापेज भी बनाने की तैयारी थी। बाद में त्रासदी के चलते प्लान में बदलाव किया गया।