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यूपी: कॉलेजों का तालिबानी फरमान, मोबाइल पर बैन

Wed, 10 Jul 2013 01:53 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 10 Jul 2013 01:53 PM IST
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mobile ban in colleges of lucknow

एपी सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज के प्रॉसपेक्टस में साफ लिखा है कि छात्रा कॉलेज में मोबाइल फोन नहीं ला सकती।

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सिर्फ विशेष परिस्थितियों में अभिभावक के लिखित प्रार्थना-पत्र पर ही मोबाइल फोन लाकर कॉलेज के ऑफिस में जमा कर सकती है।

तो 100 रुपये का जुर्माना
महिला पीजी कॉलेज में तो एकेडमिक ब्लॉक में किसी छात्रा के पास मोबाइल मिला तो 100 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाता है। राजधानी में सिर्फ अवध कॉलेज या नेशनल पीजी कॉलेज ही नहीं बल्कि अन्य कॉलेजों ने भी अपने-अपने तरीके से मोबाइल पर प्रतिबंध लगाया है।

रिटेन रिक्वेस्ट जरूरी
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. विनिता सिंह कहती हैं कि मोबाइल वही छात्राएं लेकर आती हैं, जिनके अभिभावक लिखित में देते हैं कि उनके लिए मोबाइल लाना जरूरी है। फिर हम उस छात्रा का मोबाइल ऑफिस में जमा करवा देते हैं। अगर उसे कोई जरूरी बात करनी होती है तो वह ऑफिस में ही आकर बात करती है।
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टेलीफोन बूथ से करें कॉल
कॉलेज में एक रुपये का सिक्का डालकर फोन पर बात करने की सुविधा है। मोबाइल का प्रयोग करना गलत नहीं है लेकिन इससे पढ़ाई प्रभावित हो, यह भी ठीक नहीं। उधर, महिला पीजी कॉलेज में एकेडमिक ब्लॉक में कोई भी छात्रा मोबाइल फोन के साथ मिली तो हम उस पर 100 रुपये जुर्माना लगाकर मोबाइल जमा करवा लेते हैं।
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पढ़ाई की दे रहे दलील
इसके बाद उनके अभिभावकों को भी इसकी सूचना दे दी जाती है। कॉलेज के मीडिया प्रभारी अमित पुरी कहते हैं कि मोबाइल फोन पर अगर किसी को बात करनी है तो वह प्राचार्य कार्यालय तक आए। पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए यह नियम जरूरी है।

जमा करवा लिया जाता है फोन

नवयुग कन्या पीजी कॉलेज की प्राचार्य नीरजा गुप्ता कहती हैं कि हमारे यहां भी मोबाइल का प्रयोग क्लासरूम या फिर लाइब्रेरी में नहीं किया जा सकता। अगर कोई छात्रा मोबाइल लेकर आती है तो हम उसे जमा करवा लेते हैं और छुट्टी के बाद वापस कर देते हैं।

रोक नहीं, पर मीटिंग जरूरी
अगर जरूरत हुई तो छात्रा को प्राचार्य कार्यालय बुलाकर मोबाइल पर बात करने देते हैं। केकेसी के प्राचार्य डॉ. एसडी शर्मा कहते हैं कि मोबाइल फोन लाने पर अभी कोई रोक नहीं है, लेकिन नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले हम प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ बैठक करेंगे और प्रतिबंध लगाने के विषय पर चर्चा की जाएगी।


डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राम विशाल त्रिपाठी कहते हैं कि अगर लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में मोबाइल लाने पर रोक लगा देता है तो हम भी ऐसा नियम बना देंगे मगर तकनीक के इस दौर में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाना ठीक नहीं होगा।

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