{"_id":"124-60666","slug":"Lucknow-60666-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपट्रॉन की जमीन की नीलामी मामले में राज्य सरकार भी बनेगी पक्षकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपट्रॉन की जमीन की नीलामी मामले में राज्य सरकार भी बनेगी पक्षकार
Lucknow
Updated Fri, 14 Jun 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। गोमतीनगर में अपट्रॉन की जमीन की नीलामी के मामले में राज्य सरकार को भी पक्षकार बनाया जाएगा। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गुरुवार को इंडस्ट्रियल फाइनेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (आईएफसीआई) की तरफ से दायर याचिका पर याची को सरकार को बतौर पक्षकार बनाने को कहा। अदालत ने इस याचिका को जुलाई के पहले हफ्ते में सूचीबद्ध करने केनिर्देश दिए। वहीं अदालत ने अपट्रॉन की जमीन की नीलामी प्रक्रिया पर रोक के आदेश को मामले की अगली सुनवाई की तारीख तक के लिए बढ़ा दिया है। नगर निगम लखनऊ की लंबित याचिका पर कोर्ट ने पहले यह स्थगनादेश दिया था।
न्यायमूर्ति श्रीनारायण शुक्ल एवं न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की ग्रीष्मावकाशकालीन खंडपीठ ने गुरुवार को दोनों मामलों में ये आदेश दिए। आईएफसीआई ने अपनी याचिका में लखनऊ नगर निगम को जरिये नगर आयुक्त पक्षकार बनाया है। अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड देखने के बाद कहा कि नगर निगम सिर्फ संपत्ति का ‘कस्टोडियन’ है, जबकि संपत्ति राज्य सरकार में निहित होती है। लेकिन इस याचिका में राज्य सरकार को पक्षकार नहीं बनाया गया है। ऐसे में कोर्ट ने याची आईएफसीआई को राज्य सरकार को इसमें पक्षकार बनाने की इजाजत दी। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के पहले हफ्ते में होगी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति श्रीनारायण शुक्ल एवं न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की ग्रीष्मावकाशकालीन खंडपीठ ने गुरुवार को दोनों मामलों में ये आदेश दिए। आईएफसीआई ने अपनी याचिका में लखनऊ नगर निगम को जरिये नगर आयुक्त पक्षकार बनाया है। अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड देखने के बाद कहा कि नगर निगम सिर्फ संपत्ति का ‘कस्टोडियन’ है, जबकि संपत्ति राज्य सरकार में निहित होती है। लेकिन इस याचिका में राज्य सरकार को पक्षकार नहीं बनाया गया है। ऐसे में कोर्ट ने याची आईएफसीआई को राज्य सरकार को इसमें पक्षकार बनाने की इजाजत दी। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के पहले हफ्ते में होगी।
विज्ञापन