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वीसी कहें या गवर्नर, देना ही होगा पैसा

Thu, 16 May 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Thu, 16 May 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध राजेंद्र प्रसाद गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीएड छात्राओं की मुसीबतें कुलपति के हस्तक्षेप के बाद भी कम नहीं हो रही हैं। एक दिन पहले कुलपति के सामने पैसा न लेने की बात कहने वाली प्राचार्य अपने वादे से मुकर गईं और बिना पैसा दिए परीक्षा दिलाने से स्पष्ट मना कर दिया। बुधवार को छात्राएं सीएम आवास पहुंचीं और कुलाधिपति को भी ज्ञापन सौंपा। वहीं, अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग ने भी शिकायत पर कॉलेज से जवाब तलब किया है। इधर, लखनऊ विश्वविद्यालय ने भी शिकायत सही पाए जाने पर संबद्धता खत्म करने की चेतावनी दी है। राजेंद्र प्रसाद गर्ल्स डिग्री कॉलेज की बीएड छात्राओं ने लविवि प्रशासन से बीते शुक्रवार को अवैध वसूली की शिकायत की थी। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेज से जवाब-तलब किया था। सोमवार को छात्राओं ने कुलपति प्रो. एसबी निमसे से शिकायत की तो कुलपति ने मंगलवार को प्राचार्य डॉ. जीसी श्रीवास्तव को तलब कर लिया। उन्होंने ने कुलपति से अतिरिक्त पैसा न लेने का वादा किया। बुधवार को जब छात्राएं कॉलेज गईं तो प्राचार्य अपने वादे से मुकर गईं। छात्राओं के मुताबिक बुधवार को वे कॉलेज गईं तो कर्मचारी ने गेट बंद कर दिया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने कहा है कि चाहे वीसी के पास जाओ या गवर्नर के, जो कॉलेज मांगेगा वह पैसा तो जमा ही करना पडे़गा। प्राचार्य के इस बयान के बाद सभी छात्राएं मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं। यहां प्रशासनिक अधिकारियों के कार्रवाई की बात कहने और उन्हें ज्ञापन देने के बाद वे लौट गईं। इसके बाद छात्राएं राजभवन गईं और कॉलेज के खिलाफ कुलाधिपति को संबोधित ज्ञापन दिया। छात्राओं ने मांग की कि उनकी सभी परीक्षाएं लविवि प्रशासन अपने नियंत्रण में कराए, जिससे उन्हें कॉलेज की प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके।
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एससी-एसटी आयोग ने लिया संज्ञान ः बीएड छात्राओं से वसूली के मामले में छात्राओं की शिकायत पर अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने कॉलेज प्राचार्य को नोटिस भेजकर मामले में जवाब मांगा है। बुधवार को छात्राओं ने सचिवालय में आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी।
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