फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   सीबीआई जांच के घेरे में दर्जनों कोटेदार

सीबीआई जांच के घेरे में दर्जनों कोटेदार

Tue, 14 May 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Tue, 14 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। राजधानी के दर्जनों राशन कोटेदार सीबीआई जांच के लपेटे में आ गए हैं। करोड़ों रुपए के अनाज घोटाले के आरोपियों को बेनकाब करने के लिए सीबीआई की विशेष टीम शहर के तत्कालीन कोटेदारों का ब्योरा खंगालने में लगी है। उनसे पूछताछ शुरू की है। इस कार्रवाई से कोटेदारों में हड़कंप मचा है। सूत्रों के मुताबिक अब तक दो दर्जन से अधिक कोटेदारों से पहले दौर की पूछताछ हो चुकी है। पूछताछ के लिए सीबीआई ने कोटेदारों की लंबी सूची तैयार की है। जांच व पूछताछ के घेरे में वर्ष 2004 से 2006 तक राजधानी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का संचालन करने वाले कोटेदार हैं। इन दो वित्तीय वर्ष के दौरान दूसरे जनपदों की तरह राजधानी में भी अनाज घोटाला हुआ था इसकी जांच सीबीआई की भ्रष्टाचार निवारण इकाई कर रही है। जांच के लिए सीबीआई के अधिकारियों ने घोटाले के वक्त शहर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का संचालन करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं के बारे में पिछले माह जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) कार्यालय से जानकारी मांगी थी। डीएसओ से मिली जानकारी के आधार पर सीबीआई ने कोटेदारों से पूछताछ शुरू की है। शहरी क्षेत्र के तत्कालीन कोटेदारों की संख्या 131 है जिनमें दो कोटेदारों का निधन हो चुका है। इस लिस्ट में सबसे ज्यादा चौक क्षेत्र के 22 कोटेदार हैं। सूत्रों के मुताबिक शहर के करीब 25 कोटेदारों को अपने कार्यालय में बुलाकर सीबीआई ने पहले दौर की पूछताछ की है। अनाज वितरण की प्रक्रिया से जुड़े रहे सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की कार्रवाई पहले हो चुकी है। कोटेदारों से पूछताछ कर सीबीआई अधिकारियों की भूमिका प्रमाणित करने में लगी है। पूछताछ के लिए सीबीआई कार्यालय में उपस्थित होने संबंधी डीएसओ कार्यालय का नोटिस मिलने के बाद से कोटेदारों में हड़कंप मचा है।
विज्ञापन

ठंडे बस्ते में डलवा दी थी जांच ः शहर के करीब दर्जन भर पुराने कोटेदार सीबीआई जांच में निशाने पर हैं। सूत्रों के अनुसार अधिकारियों से मिलीभगत के सहारे ही वह फर्जी राशन कार्डों के जरिए सस्ते राशन का गोरखधंधा करते आ रहे है। ऐसे कोटेदारों के खिलाफ जांच के लिए विगत माह मुख्यमंत्री कार्यालय से खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। लेकिन कोटेदारों ने अपनी पहुंच के बल पर जांच ठंडे बस्ते में डलवा दी थी।
विज्ञापन

कुछ को सरकारी गवाह बनाने की कोशिश ः सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान सीबीआई कुछ कोटेदारों को सरकारी गवाह बनाने की कोशिश में है। उन्हें उन सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ खड़ा करना चाहती है जो घोटाले के सूत्रधार रहे हैं लेकिन उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed