फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   ‘शिकायत वापस लो, वरना परिवार को खत्म कर दूंगा’

‘शिकायत वापस लो, वरना परिवार को खत्म कर दूंगा’

Thu, 09 May 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Thu, 09 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ (ब्यूरो)। पांच वर्ष के मासूम को थाने में रखकर पीटने और करंट लगाने के मामले में कृष्णानगर पुलिस अब पीड़ित के अभिभावक को फोन कर धमका रही है। पीड़ित के पिता ने जेजे बोर्ड में गुहार लगाई थी, जिसमें पुलिस पर कार्रवाई हो सकती है। आरोप है कि इसी से डरी पुलिस अब फोन कर शिकायत वापस लेने के लिए धमका रही है।
विज्ञापन

पीड़ित के पिता ने इस संबंध में एसएसपी और डीआईजी को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस से सुरक्षा मुहैया करवाने की दरखास्त की है। इसमें कहा गया है अलग-अलग मोबाइल फोन नंबरों धमकी भरे फोन आ रहे हैं। कॉल करने वाला खुद को सरोजनीनगर थाने का एसओ बताते हुए समझौता ने करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। जबकि कई बार सिपाही के नाम से फोन आता है। इसमें भी कृष्णानगर पुलिस के खिलाफ की गई शिकायत न लेने पर खामियाजा भुगतने की धमकी दी जा रही है। गौरतलब है कि कृष्णानगर पुलिस ने 1 फरवरी 2013 को एक साढ़े पांच वर्ष के मासूम को चोरी के मामले में थाने में रखकर पीटा था। मासूम के पिता ने मामले शिकायत किशोर न्याय बोर्ड में शिकायत की थी, जिसकी 10 मई को पेशी है। दोषी पाए जाने पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में पुलिस अब उन पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाल रही है। जबकि वह फंसाए बच्चे से मामला वापस नहीं ले रही है।
विज्ञापन

हो सकती है सजा ः जेजे एक्ट के अनुसार बच्चे को कस्टडी में लेकर मारने-पीटने व इस प्रकार यंत्रणा देने पर सजा व जुर्माने का प्रावधान है। दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को छह महीने की जेल और जुर्माना हो सकता है। बच्चों के प्रति हो रहे अपराधों को देखते हुए इस तरह के मामलों के प्रति कानून सख्त हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed