{"_id":"124-54849","slug":"Lucknow-54849-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवती ने किया डॉक्टर के बेटे का अपहरण, तीन बंदी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवती ने किया डॉक्टर के बेटे का अपहरण, तीन बंदी
Lucknow
Updated Wed, 20 Mar 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। गुडंबा थाना क्षेत्र में एक युवती ने मंगलवार दोपहर अपने पड़ोसी डॉक्टर के चार साल के बेटे को चाकलेट दिलाने के बहाने बुलाया और अपहरण कर लिया। बच्चे के साथ खुद के अपहरण की कहानी गढ़ी और ढाई घंटे बाद अपने प्रेमी से फोन कराकर बीस लाख की फिरौती मांगी। वक्त गुजरने के साथ उसकी हिम्मत जवाब देने लगी और बच्चे को लेकर घर लौटी। पुलिस ने युवती व उसके प्रेमी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, जानकीपुरम के सेक्टर-एच निवासी डॉ. विनीत वर्मा का चार साल का बेटा जॉन उर्फ गोलू मंगलवार दोपहर 12:30 बजे अपने घर के गेट पर खड़ा था। इस बीच पड़ोस में रहने वाले केंद्रीय भूमिजल बोर्ड में रसायन सहायक सुरेश चंद्र की बेटी श्रद्धा (20) ने उसे आवाज दी और मोहल्ले की एक दुकान से चाकलेट दिलाने के बहाने अगवा कर ले गई। गोलू के एक घंटे तक घर न लौटने पर डॉ विनीत की पत्नी अनीता वर्मा ने तलाश शुरू की। सुरेश के घर से पता चला कि श्रद्धा मोहल्ले की ही एक दुकान से मैगी लेने निकली थी। डॉ. विनीत व सुरेश के परिवार के साथ आसपास के लोग दोनों की तलाश में निकल पड़े। इस बीच दोपहर 2:30 बजे श्रद्धा की मां संगीता के मोबाइल की घंटी बजी। अज्ञात व्यक्ति ने श्रद्धा के मोबाइल के कॉल करके उनसे 20 लाख की फिरौती मांगने के साथ शाम पांच बजे तक रकम न मिलने पर दोनों की हत्या की धमकी दी। इस पर संगीता अपना फोन लेकर डॉ. विनीत के घर पहुंची और अपहरणकर्ता से अनीता की बात कराई। इसके बाद श्रद्धा का मोबाइल बंद हो गया।
फिरौती की मांग से बुरी तरह घबराए डॉ विनीत ने पुलिस को सूचना दी। सीओ गाजीपुर व एसओ गुडंबा मौके पर पहुंचे। डॉ विनीत व अनीता ने श्रद्धा पर अपने बेटे के अपहरण का आरोप लगाया, जबकि सुरेश व उनकी पत्नी संगीता ने मोहल्ले के राकेश यादव, पवन पांडेय आदि पर दोनों अपहरण का शक जताते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने सर्विलांस सेल को श्रद्धा के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस करने के साथ कॉल डिटेल एकत्र करना शुरू किया। राकेश व पवन भी घर से गायब थे। पड़ताल चल ही रही थी कि रात 9:30 बजे गोलू को साथ लेकर श्रद्धा घर लौटी। उसने गोलू को साथ ले जाकर नावेल्टी सिनेमा में फिल्म देखने की जानकारी दी। संदेह होने पर क्राइम ब्रांच ने कड़ाई से पूछताछ की तो अपहरण का राज उगलने लगी। इसके बाद पुलिस ने श्रद्धा के प्रेमी सचिन व हुसैनगंज निवासी मयंक सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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बीस लाख लेकर प्रेमी के साथ भागने का था इरादा
श्रद्धा ने कबूला कि मोहल्ले में रहने वाले सचिन से उसका काफी समय से प्रेमप्रसंग है। उसके साथ शादी करके घर बसाना चाहती थी लेकिन परिवार विरोध कर रहा था। इसके चलते इंटरमीडिएट के बाद उसकी पढ़ाई छुड़ा दी। इसके बाद भी वह सचिन से छुपकर मिलती थी और उसके द्वारा दिए सेलफोन से बात करती थी। दोनों भागकर शादी करना चाहते थे लेकिन पैसे की कमी आड़े आ रही थी। इसके चलते एक महीने पहले उसने डॉ विनीत के बेटे गोलू के अपहरण का इरादा बनाया। रोजाना उसे चाकलेट दिलाने ले जाने लगी। इससे गोलू काफी घुल-मिल गया था। सारी तैयारी के पूरी होने पर वह आज गोलू को लेकर निकली। रिक्शे से इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा पहुंची। वहां से ऑटो पर सवार होकर कैसरबाग होते हुए रेजीडेंसी गई। वहां सचिन उसका इंतजार कर रहा था। थोड़ी देर सुस्ताने के बाद उसने सचिन को अपना मोबाइल देकर अपनी मां से बात कराई। योजना के मुताबिक, सचिन ने गोलू व श्रद्धा के अपहरण की बात कहते हुए बीस लाख की फिरौती मांगी। इसके बाद अपने दोस्त मयंक सिंह को बुलाने के लिए चला गया। उसे गोलू को साथ लेकर पांच बजे कैसरबाग बस अड्डे पर पहुंचने को कहा था।
दिन ढलने के साथ बढ़ी घबराहट
श्रद्धा ने कबूला कि सचिन के जाने के बाद वह गोलू को रेजीडेंसी में घुमाती रही। फिर पांच बजे उसे लेकर कैसरबाग बस अड्डे पर पहुंची। बेंच पर बैठ कर इंतजार कर रही थी। सचिन के न आने व दिन ढलने के साथ उसकी घबराहट बढ़ रही थी। गोलू भी घर चलने की जिद शुरू कर दी थी। उसे कोल्डड्रिंक पिलाने व बिस्कुट खिलाकर चुप कराए थी। रात होने पर श्रद्धा की हिम्मत जवाब दे गई। उसे लगा कि सचिन धोखा दे गया है। इस पर वह गोलू को साथ लेकर घर के लिए लौट पड़ी।
दीदी के साथ चल देता था मासूम
डॉ विनीत वर्मा व अनीता ने पुलिस को बताया कि मासूम गोलू अक्सर श्रद्धा के साथ चल देता था। घर का सामान लेने निकलती श्रद्धा उसे भी टॉफी-चाकलेट दिलाती थी। अनीता का कहना है कि दोपहर 12:30 बजे वह नहा रही थी। गोलू घर के गेट पर खड़ा था। इस बीच श्रद्धा अपने घर से निकली। उसने गोलू से चाकलेट लेने चलने की बात कही और उसे साथ लेकर चली गई। थोड़ी देर बाद बाथरूम से निकली अनीता ने घर के ही एक हिस्से में क्लीनिक पर बैठे डॉ विनीत से गोलू के बारे में पूछा। उन्होंने गोलू के श्रद्धा के साथ जाने की पुष्टि की।
माता-पिता ने लगाए दो युवकों पर आरोप
अपहरण की सूचना पर पहुंची पुलिस ने श्रद्धा के पिता सुरेश चंद्र व मां संगीता से पूछताछ की। दोनों ने मोहल्ले के राकेश यादव व पवन पांडेय पर अपनी बेटी के साथ गोलू के अपहरण का आरोप लगाना शुरू कर दिया। संगीता ने कहा कि उनके बड़े बेटे संजय की मोहल्ले के राकेश यादव से दोस्ती थी। कैंसर पीड़ित संजय की तीमारदारी के दौरान राकेश का उसके घर आवागमन शुरू हुआ। वह संगीता के साथ अस्पताल में रुकता था। संजय की मौत के बाद भी राकेश व उसके दोस्तों का आवागमन जारी रहने पर संगीता के बेटे संदीप व आशीष ने आपत्ति जतानी शुरू की। राकेश 3 मार्च को अपने दोस्त पवन पांडेय को साथ लेकर सुरेश के घर पहुंचा। वहां झगड़ा हो गया। दोनों ने संगीता की पिटाई की और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देकर चला गया था। घायल संगीता ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। संगीता ने इसी रंजिश के चलते राकेश व पवन पर आरोप लगाया और पुलिस उन दोनों की तलाश में निकल पड़ी।
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पुलिस के मुताबिक, जानकीपुरम के सेक्टर-एच निवासी डॉ. विनीत वर्मा का चार साल का बेटा जॉन उर्फ गोलू मंगलवार दोपहर 12:30 बजे अपने घर के गेट पर खड़ा था। इस बीच पड़ोस में रहने वाले केंद्रीय भूमिजल बोर्ड में रसायन सहायक सुरेश चंद्र की बेटी श्रद्धा (20) ने उसे आवाज दी और मोहल्ले की एक दुकान से चाकलेट दिलाने के बहाने अगवा कर ले गई। गोलू के एक घंटे तक घर न लौटने पर डॉ विनीत की पत्नी अनीता वर्मा ने तलाश शुरू की। सुरेश के घर से पता चला कि श्रद्धा मोहल्ले की ही एक दुकान से मैगी लेने निकली थी। डॉ. विनीत व सुरेश के परिवार के साथ आसपास के लोग दोनों की तलाश में निकल पड़े। इस बीच दोपहर 2:30 बजे श्रद्धा की मां संगीता के मोबाइल की घंटी बजी। अज्ञात व्यक्ति ने श्रद्धा के मोबाइल के कॉल करके उनसे 20 लाख की फिरौती मांगने के साथ शाम पांच बजे तक रकम न मिलने पर दोनों की हत्या की धमकी दी। इस पर संगीता अपना फोन लेकर डॉ. विनीत के घर पहुंची और अपहरणकर्ता से अनीता की बात कराई। इसके बाद श्रद्धा का मोबाइल बंद हो गया।
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फिरौती की मांग से बुरी तरह घबराए डॉ विनीत ने पुलिस को सूचना दी। सीओ गाजीपुर व एसओ गुडंबा मौके पर पहुंचे। डॉ विनीत व अनीता ने श्रद्धा पर अपने बेटे के अपहरण का आरोप लगाया, जबकि सुरेश व उनकी पत्नी संगीता ने मोहल्ले के राकेश यादव, पवन पांडेय आदि पर दोनों अपहरण का शक जताते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने सर्विलांस सेल को श्रद्धा के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस करने के साथ कॉल डिटेल एकत्र करना शुरू किया। राकेश व पवन भी घर से गायब थे। पड़ताल चल ही रही थी कि रात 9:30 बजे गोलू को साथ लेकर श्रद्धा घर लौटी। उसने गोलू को साथ ले जाकर नावेल्टी सिनेमा में फिल्म देखने की जानकारी दी। संदेह होने पर क्राइम ब्रांच ने कड़ाई से पूछताछ की तो अपहरण का राज उगलने लगी। इसके बाद पुलिस ने श्रद्धा के प्रेमी सचिन व हुसैनगंज निवासी मयंक सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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बीस लाख लेकर प्रेमी के साथ भागने का था इरादा
श्रद्धा ने कबूला कि मोहल्ले में रहने वाले सचिन से उसका काफी समय से प्रेमप्रसंग है। उसके साथ शादी करके घर बसाना चाहती थी लेकिन परिवार विरोध कर रहा था। इसके चलते इंटरमीडिएट के बाद उसकी पढ़ाई छुड़ा दी। इसके बाद भी वह सचिन से छुपकर मिलती थी और उसके द्वारा दिए सेलफोन से बात करती थी। दोनों भागकर शादी करना चाहते थे लेकिन पैसे की कमी आड़े आ रही थी। इसके चलते एक महीने पहले उसने डॉ विनीत के बेटे गोलू के अपहरण का इरादा बनाया। रोजाना उसे चाकलेट दिलाने ले जाने लगी। इससे गोलू काफी घुल-मिल गया था। सारी तैयारी के पूरी होने पर वह आज गोलू को लेकर निकली। रिक्शे से इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा पहुंची। वहां से ऑटो पर सवार होकर कैसरबाग होते हुए रेजीडेंसी गई। वहां सचिन उसका इंतजार कर रहा था। थोड़ी देर सुस्ताने के बाद उसने सचिन को अपना मोबाइल देकर अपनी मां से बात कराई। योजना के मुताबिक, सचिन ने गोलू व श्रद्धा के अपहरण की बात कहते हुए बीस लाख की फिरौती मांगी। इसके बाद अपने दोस्त मयंक सिंह को बुलाने के लिए चला गया। उसे गोलू को साथ लेकर पांच बजे कैसरबाग बस अड्डे पर पहुंचने को कहा था।
दिन ढलने के साथ बढ़ी घबराहट
श्रद्धा ने कबूला कि सचिन के जाने के बाद वह गोलू को रेजीडेंसी में घुमाती रही। फिर पांच बजे उसे लेकर कैसरबाग बस अड्डे पर पहुंची। बेंच पर बैठ कर इंतजार कर रही थी। सचिन के न आने व दिन ढलने के साथ उसकी घबराहट बढ़ रही थी। गोलू भी घर चलने की जिद शुरू कर दी थी। उसे कोल्डड्रिंक पिलाने व बिस्कुट खिलाकर चुप कराए थी। रात होने पर श्रद्धा की हिम्मत जवाब दे गई। उसे लगा कि सचिन धोखा दे गया है। इस पर वह गोलू को साथ लेकर घर के लिए लौट पड़ी।
दीदी के साथ चल देता था मासूम
डॉ विनीत वर्मा व अनीता ने पुलिस को बताया कि मासूम गोलू अक्सर श्रद्धा के साथ चल देता था। घर का सामान लेने निकलती श्रद्धा उसे भी टॉफी-चाकलेट दिलाती थी। अनीता का कहना है कि दोपहर 12:30 बजे वह नहा रही थी। गोलू घर के गेट पर खड़ा था। इस बीच श्रद्धा अपने घर से निकली। उसने गोलू से चाकलेट लेने चलने की बात कही और उसे साथ लेकर चली गई। थोड़ी देर बाद बाथरूम से निकली अनीता ने घर के ही एक हिस्से में क्लीनिक पर बैठे डॉ विनीत से गोलू के बारे में पूछा। उन्होंने गोलू के श्रद्धा के साथ जाने की पुष्टि की।
माता-पिता ने लगाए दो युवकों पर आरोप
अपहरण की सूचना पर पहुंची पुलिस ने श्रद्धा के पिता सुरेश चंद्र व मां संगीता से पूछताछ की। दोनों ने मोहल्ले के राकेश यादव व पवन पांडेय पर अपनी बेटी के साथ गोलू के अपहरण का आरोप लगाना शुरू कर दिया। संगीता ने कहा कि उनके बड़े बेटे संजय की मोहल्ले के राकेश यादव से दोस्ती थी। कैंसर पीड़ित संजय की तीमारदारी के दौरान राकेश का उसके घर आवागमन शुरू हुआ। वह संगीता के साथ अस्पताल में रुकता था। संजय की मौत के बाद भी राकेश व उसके दोस्तों का आवागमन जारी रहने पर संगीता के बेटे संदीप व आशीष ने आपत्ति जतानी शुरू की। राकेश 3 मार्च को अपने दोस्त पवन पांडेय को साथ लेकर सुरेश के घर पहुंचा। वहां झगड़ा हो गया। दोनों ने संगीता की पिटाई की और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देकर चला गया था। घायल संगीता ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। संगीता ने इसी रंजिश के चलते राकेश व पवन पर आरोप लगाया और पुलिस उन दोनों की तलाश में निकल पड़ी।