फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   दूसरे दिन भी जारी रही जूनियर डॉक्टरों की दबंगई, दो की मौत

दूसरे दिन भी जारी रही जूनियर डॉक्टरों की दबंगई, दो की मौत

Tue, 26 Feb 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Tue, 26 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने सोमवार को भी दो और मरीजों की जान ले ली। जूनियर डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर के गेट पर प्रदर्शन कर मेडिसिन वार्ड में किसी मरीज को भर्ती नहीं होने दिया। सुबह से दोपहर बाद तक यहां यही हालात रहे। गांधी वार्ड में भी इलाज ठप रहा। इससे दूर-दराज से आए मरीजों की हालत गंभीर हो गई। वहीं उपद्रवी डॉक्टरों ने कई भर्ती मरीजों को भी जबरन डिस्चार्ज कर दिया। कुल सचिव के आने की भनक लगते ही डॉक्टर धरना छोड़ भाग गए। चिविवि प्रशासन हड़ताल खत्म होने के दावे कर रहा है, जबकि मेडिसिन विभाग में जूनियर डॉक्टर अब भी काम पर नहीं लौटे हैं। हड़ताली जूनियर डॉक्टरों में रविवार को इलाज के अभाव में हुई चार मरीजों की मौत का कोई अफसोस नजर नहीं आया। प्रशासन के हड़ताल खत्म होने के दावे के विपरीत सोमवार को भी जूनियर डॉक्टर चिकित्सकीय कार्य ठप कर सुबह से ही ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए। हड़ताली जूनियर डॉक्टरों में अधिकांश मेडिसिन विभाग के थे। इसलिए उन्होंने ट्रॉमा सेंटर के मेडिसिन विभाग में मरीजों की भर्ती नहीं होने दी। वहीं इलाज नहीं मिलने से दो मरीजों की मौत हो गई। मेडिसिन वार्ड में भर्ती तिलविंदर ने इलाज नहीं मिलने के कारण दम तोड़ दिया। वहीं प्रेमकुमार को डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर लौटा दिया। तीमारदार मरीज को लेकर राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे। वहां इमरजेंसी में मरीज की मौत हो गई।
विज्ञापन

जबरन मरीजों को करने लगे डिस्चार्ज ः जूनियर डॉक्टरों ने ट्रॉमा में भर्ती मरीजों को जबरन डिस्चार्ज करना शुरू कर दिया। इनमें बलरामपुर जिले के सलेमपुर से आए छेदीलाल को जूनियर डॉक्टरों ने भगा दिया। परिवार वाले छेदी को स्ट्रेचर पर घंटों लिटाए रहे। तीमारदार यह नहीं समझ पा रहे थे कि आखिर कहां जाएं। इसी तरह गोंडा से आए सियाराम का गुर्दा संबंधी परेशानी थी। उनको भी बाहर से ही भगा दिया गया। उसका भाई बिलख-बिलख डॉक्टरों को कोस रहा था।
विज्ञापन

अपना पक्ष रखने नहीं आए जूनियर डॉक्टर ः मेडिसिन वार्ड में हड़ताली डॉक्टरों ने भर्तियां नहीं होने दी। जूनियर डॉक्टरों के इस रवैये की जानकारी मिलने पर कुल सचिव राकेश कुमार दोपहर बाद ट्रामा सेंटर पहुंच गए। उनके आने की जानकारी मिलते ही ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरने पर बैठे जूनियर डॉक्टर भागने लगे। कुल सचिव ने ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी, अधीक्षक व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें हड़ताली डॉक्टरों को बुलाया गया। वह अपना पक्ष बताने नहीं आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ पीछे के गेट से आए ड्यूटी पर ः कुल सचिव के ट्रॉमा में पहुंचने पर पीछे के गेट से कुछ हड़ताली डॉक्टर घुस कर अपनी ड्यूटी पर भी पहुंच गए। वहीं 22 अक्टूबर वाली घटना में नामजद डॉक्टर अपने साथ अन्य जूनियर डॉक्टरों को लेकर काम ठप किए रहे। उधर, गांधी वार्ड में भी मरीजों को नहीं देखा गया। इसके चलते मरीज व उनके तीमारदार दिनभर परेशान रहे। चिविवि प्रशासन का कहना है कि हड़ताल वापस हो गई है। जबकि विरोध कर रहे मेडिसिन के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर बने हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed