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पुराने लखनऊ में पुलिस का पहरा बढ़ा, फ्लैग मार्च
Lucknow
Updated Mon, 21 Jan 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। करबला के शहीदों की याद में अय्याम-ए-रजा के आखिरी जुलूस चुप ताजिया में अमन-चैन कायम रहे, इसके लिए पुलिस ने पुराने लखनऊ में पहरा बढ़ा दिया है। चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए छतों पर अत्याधुनिक असलहों और दूरबीन के साथ आरएएफ व पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। क्यूआरटी दस्ते मुख्य चौराहों की निगरानी करेंगे। बकौल एसएसपी सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच सोमवार को चुप ताजिया जुलूस निकाला जाएगा।
रविवार दोपहर बाद एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने पुराने लखनऊ में कमला नेहरू चौक से पाटानाला, नक्खास, बिल्लौचपुरा, मंसूरनगर तिराहा, काजमैन, दरगाह हजरत अब्बास से पुल गुलाम होते हुए अकबरी गेट तक फ्लैग मार्च किया। एसएसपी आरके चतुर्वेदी ने धर्मगुरुओं और आम नागरिकों से पुलिस का सहयोग करने के लिए कहा। साथ ही लोगों को हिदायत दी कि गली-मोहल्लों में झुंड लगाकर न खड़े हों। फ्लैग मार्च में अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र दूबे, चौक, बाजारखाला, अलीगंज, गाजीपुर सर्किल समेत छह सीओ, 30 इंस्पेक्टर व एसओ, दो कंपनी आरएएफ, एक प्लाटून कंपनी पीएसी, 200 कांस्टेबल, माउंट पुलिस, आंसू गैस टीम, दमकल गाड़ी, बम डिस्पोजल स्क्वॉयड, एंटी सैबटोज और डॉग स्क्वॉयड शामिल थे। इसके अलावा एसएसपी की एसओजी टीम आर्मी फुल ड्रेस में मौजूद थी। सुरक्षाकर्मी संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखे थे।
जुलूस निकालते समय कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए एसएसपी ने अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों और खुफिया विभाग के लोगों को तैनात किया है। एसएसपी ने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी संदिग्ध व जरा सी भी माहौल में गड़बड़ी देखें तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
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आप भी करें पुलिस की मदद
पुराने लखनऊ में अमन-चैन कायम करने के लिए पुलिस के साथ आम लोगों की भी सक्रियता जरूरी है। अगर आपको इलाके में कहीं कोई व्यक्ति संदिग्ध अथवा माहौल बिगाड़ने की कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम (100 नंबर), एसएसपी के मोबाइल (9454400290), एएसपी (पश्चिम) (9454401088) व स्थानीय पुलिस को जानकारी दें।
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नक्खास में दो हफ्ते बाद लौटी रौनक
तनाव व दहशत के बाद नक्खास में रौनक लौट आई है। दो हफ्ते बाद नक्खास बाजार में चहल-पहल दिखी। आम दिनों की तरह नक्खास का बाजार खुलने पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई। नक्खास-चौक सड़क पर वाहनों की लंबी कतारों से जाम की भी स्थिति रही। एक-दूसरे को अमन-चैन कायम रखने के लिए समझाने का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान पुलिस भीड़ पर नजर रखे थी। सुरक्षाकर्मी लोगों से बातचीत कर माहौल समझने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने देर शाम दुकानें बंद कराईं।
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अफवाहों का सिलसिला जारी, पुलिस हलकान
पुलिस, प्रशासन व धर्मगुरुओं के साझे प्रयास से पुराने शहर की रौनक लौट आई, मगर अफवाहों का सिलसिला थम नहीं रहा। अराजक तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। सूत्रों की मानें तो रविवार सुबह 10 बजे ठाकुरगंज के अहमदगंज पजावा मोहल्ले में सड़क किनारे एक समुदाय के लोग जमा थे। यह देखकर दूसरे समुदाय केे लोग भी एकत्र होने लगे। भीड़ के मंसूबे भांप पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर तितर-बितर किया। बिल्लौचपुरा में माहौल थोड़ा सख्त दिखा। यहां रविवार को भी औसतन दुकानें ही खुलीं। अफवाहों का बाजार गर्म रहा, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से इलाके में गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली। देर शाम वजीरबाग के चरही इलाके में तनाव की अफवाह फैली। दरअसल, चरही मोहल्ले में दोनों समुदायों के बीच सिर्फ एक सड़क का फासला है। चाय की दुकानों व होटल पर भीड़ जमा होती है। शाम को भीड़ बढ़ने पर अफवाह फैली थी।
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सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार को लिया हिरासत में
जनाजे के दौरान फायरिंग व बवाल करने वालों पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। चौक पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रविवार को चार लोगों को हिरासत में लेकरपूछताछ कर रही है। उन्हें किसी गुप्त स्थान पर रखा गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाल कर हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस इसकी आधिकारिक पुष्टि करने से कतरा रही है। उसका कहना है कि शक के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।
घायलों को आईसीयू से जनरल सर्जरी वार्ड में भेजा
पुराने शहर में फायरिंग व बवाल के दौरान घायल अब्बास, मो. इस्लाम, अब्दुल्ला व इलियास की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। मो. इस्माल व अब्दुला को आईसीयू से जनरल सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि इलियास को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों की मानें तो अब्बास वेंटीलेटर पर है। उसकी हार्ट बीट पहले से बेहतर है। उधर, अब्बास के माता-पिता ने मस्जिद में नमाज पढ़कर उसकी सलामती की दुआ मांगी।
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रविवार दोपहर बाद एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने पुराने लखनऊ में कमला नेहरू चौक से पाटानाला, नक्खास, बिल्लौचपुरा, मंसूरनगर तिराहा, काजमैन, दरगाह हजरत अब्बास से पुल गुलाम होते हुए अकबरी गेट तक फ्लैग मार्च किया। एसएसपी आरके चतुर्वेदी ने धर्मगुरुओं और आम नागरिकों से पुलिस का सहयोग करने के लिए कहा। साथ ही लोगों को हिदायत दी कि गली-मोहल्लों में झुंड लगाकर न खड़े हों। फ्लैग मार्च में अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र दूबे, चौक, बाजारखाला, अलीगंज, गाजीपुर सर्किल समेत छह सीओ, 30 इंस्पेक्टर व एसओ, दो कंपनी आरएएफ, एक प्लाटून कंपनी पीएसी, 200 कांस्टेबल, माउंट पुलिस, आंसू गैस टीम, दमकल गाड़ी, बम डिस्पोजल स्क्वॉयड, एंटी सैबटोज और डॉग स्क्वॉयड शामिल थे। इसके अलावा एसएसपी की एसओजी टीम आर्मी फुल ड्रेस में मौजूद थी। सुरक्षाकर्मी संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखे थे।
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जुलूस निकालते समय कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए एसएसपी ने अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों और खुफिया विभाग के लोगों को तैनात किया है। एसएसपी ने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी संदिग्ध व जरा सी भी माहौल में गड़बड़ी देखें तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
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आप भी करें पुलिस की मदद
पुराने लखनऊ में अमन-चैन कायम करने के लिए पुलिस के साथ आम लोगों की भी सक्रियता जरूरी है। अगर आपको इलाके में कहीं कोई व्यक्ति संदिग्ध अथवा माहौल बिगाड़ने की कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम (100 नंबर), एसएसपी के मोबाइल (9454400290), एएसपी (पश्चिम) (9454401088) व स्थानीय पुलिस को जानकारी दें।
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नक्खास में दो हफ्ते बाद लौटी रौनक
तनाव व दहशत के बाद नक्खास में रौनक लौट आई है। दो हफ्ते बाद नक्खास बाजार में चहल-पहल दिखी। आम दिनों की तरह नक्खास का बाजार खुलने पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई। नक्खास-चौक सड़क पर वाहनों की लंबी कतारों से जाम की भी स्थिति रही। एक-दूसरे को अमन-चैन कायम रखने के लिए समझाने का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान पुलिस भीड़ पर नजर रखे थी। सुरक्षाकर्मी लोगों से बातचीत कर माहौल समझने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने देर शाम दुकानें बंद कराईं।
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अफवाहों का सिलसिला जारी, पुलिस हलकान
पुलिस, प्रशासन व धर्मगुरुओं के साझे प्रयास से पुराने शहर की रौनक लौट आई, मगर अफवाहों का सिलसिला थम नहीं रहा। अराजक तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। सूत्रों की मानें तो रविवार सुबह 10 बजे ठाकुरगंज के अहमदगंज पजावा मोहल्ले में सड़क किनारे एक समुदाय के लोग जमा थे। यह देखकर दूसरे समुदाय केे लोग भी एकत्र होने लगे। भीड़ के मंसूबे भांप पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर तितर-बितर किया। बिल्लौचपुरा में माहौल थोड़ा सख्त दिखा। यहां रविवार को भी औसतन दुकानें ही खुलीं। अफवाहों का बाजार गर्म रहा, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से इलाके में गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली। देर शाम वजीरबाग के चरही इलाके में तनाव की अफवाह फैली। दरअसल, चरही मोहल्ले में दोनों समुदायों के बीच सिर्फ एक सड़क का फासला है। चाय की दुकानों व होटल पर भीड़ जमा होती है। शाम को भीड़ बढ़ने पर अफवाह फैली थी।
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सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार को लिया हिरासत में
जनाजे के दौरान फायरिंग व बवाल करने वालों पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। चौक पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रविवार को चार लोगों को हिरासत में लेकरपूछताछ कर रही है। उन्हें किसी गुप्त स्थान पर रखा गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाल कर हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस इसकी आधिकारिक पुष्टि करने से कतरा रही है। उसका कहना है कि शक के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।
घायलों को आईसीयू से जनरल सर्जरी वार्ड में भेजा
पुराने शहर में फायरिंग व बवाल के दौरान घायल अब्बास, मो. इस्लाम, अब्दुल्ला व इलियास की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। मो. इस्माल व अब्दुला को आईसीयू से जनरल सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि इलियास को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों की मानें तो अब्बास वेंटीलेटर पर है। उसकी हार्ट बीट पहले से बेहतर है। उधर, अब्बास के माता-पिता ने मस्जिद में नमाज पढ़कर उसकी सलामती की दुआ मांगी।