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दार्जिलिंग में मिली छात्र के साथ लापता टीचर
Lucknow
Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। तालकटोरा क्षेत्र से नौवीं के छात्र को लेकर नौ दिन पहले लापता हुई टीचर दार्जिलिंग में मिली है। चार दिन होटल में ठहरने के बाद उसने किराए पर मकान लिया और नौकरी की तलाश करने लगी। अपने बेटे व छात्र के दाखिले के लिए दो स्कूलों में संपर्क किया था। इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए पुलिस टीम ने टीचर, उसके बेटे व छात्र को दार्जिलिंग में ढूंढ निकाला और मंगलवार देरशाम लखनऊ ले आई है।
एसओ तालकटोरा विनोद यादव ने बताया कि सीएमएस की आरडीएसओ शाखा में नौवीं के छात्र अभिनव सिंह (14) को साथ लेकर 6 अक्तूबर की सुबह रहस्यमय हालात में लापता हुई टीचर सोनल माथुर व उसके बेटे यश की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने तीनों को दार्जिलिंग में ढूंढ निकाला। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पति शरद माथुर की प्रताड़ना से त्रस्त सोनल को अभिनव से लगाव हो गया। छह अक्तूबर की सुबह फोन पर लंबी बातचीत के बाद अभिनव कपड़े व जरूरत का सामान बस्ते में रखकर घर से निकला। सोनल भी बैग में सामान भरकर बेटे के साथ निकली। अभिनव के साथ एटीएम बूथ में जाकर 27 हजार रुपये निकाले और कानपुर गए। फोन बंद कर ट्रेन पर सवार हुए और न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचे और वहां से दार्जिलिंग चले गए। सोनल ने बताया कि दार्जिलिंग के रॉकविल होटल में चार दिन ठहरने के दौरान उसने किराए के मकान की तलाश की। डेढ़ हजार रुपये महीने पर एक कमरा लेकर उसमें रहने लगी। इस बीच कुछ निजी बैंकों में नौकरी के लिए आवेदन किया। अभिनव व यश के दाखिले के लिए नार्थ प्वाइंट व वेस्ट प्वाइंट स्कूल में संपर्क किया। प्रिंसिपल ने अगले सत्र तक इंतजार करने को कहा था। इधर, पुलिस टीम ने आईएमईआई नंबर के आधार पर तहकीकात शुरू की। पता चला कि सोनल के सेलफोन में पश्चिम बंगाल का सिमकार्ड इस्तेमाल किया जा रहा है। लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस टीम उस तक पहुंच गई। सोनल को डॉक्टरी मुआयने के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि अभिनव को उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।
फफक पड़ी मां
सोनल, यश और अभिनव का लोकेशन ट्रेस होने पर पुलिस टीम दो दिन पहले पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गई थी। साथ में अभिनव के परिवार के लोग भी थे। अभिनव के सकुशल होने की खबर सुनकर की मां व्याकुल हो उठी। पुलिस टीम के लौटने का पता चलते ही वह तालकटोरा थाने जा पहुंची। वहां अभिनव को देखते ही बांहों में जकड़ लिया। दोनों फफक कर रोए। पुलिस ने कागजी खानापूरी के बाद उसे माता-पिता के साथ भेज दिया।
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एसओ तालकटोरा विनोद यादव ने बताया कि सीएमएस की आरडीएसओ शाखा में नौवीं के छात्र अभिनव सिंह (14) को साथ लेकर 6 अक्तूबर की सुबह रहस्यमय हालात में लापता हुई टीचर सोनल माथुर व उसके बेटे यश की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने तीनों को दार्जिलिंग में ढूंढ निकाला। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पति शरद माथुर की प्रताड़ना से त्रस्त सोनल को अभिनव से लगाव हो गया। छह अक्तूबर की सुबह फोन पर लंबी बातचीत के बाद अभिनव कपड़े व जरूरत का सामान बस्ते में रखकर घर से निकला। सोनल भी बैग में सामान भरकर बेटे के साथ निकली। अभिनव के साथ एटीएम बूथ में जाकर 27 हजार रुपये निकाले और कानपुर गए। फोन बंद कर ट्रेन पर सवार हुए और न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचे और वहां से दार्जिलिंग चले गए। सोनल ने बताया कि दार्जिलिंग के रॉकविल होटल में चार दिन ठहरने के दौरान उसने किराए के मकान की तलाश की। डेढ़ हजार रुपये महीने पर एक कमरा लेकर उसमें रहने लगी। इस बीच कुछ निजी बैंकों में नौकरी के लिए आवेदन किया। अभिनव व यश के दाखिले के लिए नार्थ प्वाइंट व वेस्ट प्वाइंट स्कूल में संपर्क किया। प्रिंसिपल ने अगले सत्र तक इंतजार करने को कहा था। इधर, पुलिस टीम ने आईएमईआई नंबर के आधार पर तहकीकात शुरू की। पता चला कि सोनल के सेलफोन में पश्चिम बंगाल का सिमकार्ड इस्तेमाल किया जा रहा है। लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस टीम उस तक पहुंच गई। सोनल को डॉक्टरी मुआयने के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि अभिनव को उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।
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फफक पड़ी मां
सोनल, यश और अभिनव का लोकेशन ट्रेस होने पर पुलिस टीम दो दिन पहले पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गई थी। साथ में अभिनव के परिवार के लोग भी थे। अभिनव के सकुशल होने की खबर सुनकर की मां व्याकुल हो उठी। पुलिस टीम के लौटने का पता चलते ही वह तालकटोरा थाने जा पहुंची। वहां अभिनव को देखते ही बांहों में जकड़ लिया। दोनों फफक कर रोए। पुलिस ने कागजी खानापूरी के बाद उसे माता-पिता के साथ भेज दिया।
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