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अफसरों ने फर्जीवाड़े से हजम कर डाले 300 करोड़
गाजियाबाद/डीपी आर्य
Updated Mon, 24 Jun 2013 01:19 AM IST
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यूपी में अफसरों ने आंकड़ों में फर्जीवाड़ा करके एनआरएचएम का बजट ही हजम कर डाला। नौ जिलों में सामने आए इस घोटाले से अब हड़कंप मचा है।
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केंद्र ने यूपी को पत्र जारी कर बजट काटने की चेतावनी दी है। सभी जिलों में इसकी जांच शुरू हो गई है। अभी अफसर कुछ भी कहने की हालत में नहीं हैं।
डाटा फीडिंग में खेल कर नौ जनपदों में हुए घोटाले के 300 करोड़ तक पहुंचने की आशंका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आंकड़े बाजी में पात्रों को लाभ नहीं मिल पाया।
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करीब तीन सौ करोड़ की धनराशि के रिकार्ड के डाटा फर्जी मिले हैं। यह मामला सितंबर 1012 से फरवरी 2013 के मध्य का है।
कैसे हुआ घोटाला
एनआरएचएम के तहत यूपी को करीब साढ़े छह हजार करोड़ का बजट मिलता है। इसको ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगाया जाता है।
अफसरों ने बजट के योजनावार फर्जी आंकड़े केंद्र को भेज दिए। वहां क्रास चेकिंग में यह गड़बड़ी पकड़ में आई तो यूपी में हड़कंप मच गया।
एनआरएचएम के निदेशक अमित कुमार घोष ने (पत्रांक संख्या 183-9) जारी कर संबंधित जिलों के सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में संबंधित अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
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अभी तक की जांच में प्रदेश के अलीगढ़, कांशीरामनगर, चंदौली, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, प्रतापगढ़, लखनऊ और मथुरा में गड़बड़झाला सामने आया है।
इन योजनाओं में होना था बजट खर्च
दवा खरीद व वितरण।
उपकरण खरीद व ओटी।
एंबुलेंस
जननी सुरक्षा योजना
बाल स्वास्थ्य योजना
बाल टीकाकरण योजना
मैं अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं। जांच के बाद ही सही स्थिति सामने आ पाएगी।-डॉ. संजय अग्रवाल, एनआरएचएम प्रभारी, गाजियाबाद।
योजनावार भेजे गए आंकड़ों में गड़बड़ी की बात सामने आई है। संबंधित जिलों में इसकी जांच शुरू करा दी है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी घोटाले की फिगर बता पाना संभव नहीं है।-डॉ. वीके कनौजिया, अपर संयुक्त निदेशक मेरठ मंडल।