Inverter Battery: इस एक गलती से डेड हो सकती है इनवर्टर की बैटरी, जानें डैमेज से बचाने के तरीके
Inverter Battery Maintenance:
इनवर्टर की बैटरी काफी सेंसिटिव होती है। अगर इसका ठीक तरह से ध्यान न रखा जाए और इस्तेमाल में लापरवाही बरती जाए, तो बैटरी समय से पहले पूरी तरह खराब हो सकता है। आइए जानते हैं वह कौन सी एक गलती है जिसके चलते सबसे ज्यादा इनवर्टर खराब होते हैं।

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भारत के कई शहरों और गांवों में बिजली के बार-बार जाने की समस्या से अभी तक लोगों को राहत नहीं मिली है। आप कुछ जरूरी काम कर रहे होते हैं और अचानक से लाइट चली जाती है तो उससे आपको परेशानी उठानी पड़ती है। इसलिए लोग अपने घरों में इनवर्टर लगवाते हैं। आज के दौर में लगभग सभी के घरों में इनवर्टर का इस्तेमाल होता है।
जिस तरह आप बाकी की छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखते हैं। उसी तरह आपको इनवर्टर का भी ध्यान रखना होता है। खास तौर पर इनवर्टर की बैटरी का क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही के चलते बैटरी के डेड होने का खतरा रहता है।
महंगी पड़ सकती है लापरवाही
इसलिए इनवर्टर की बैटरी को खराब होने से बचने के लिए आपको कुछ गलतियों को बिल्कुल भी दोहराना नहीं चाहिए। क्योंकि अगर बैटरी डेड हो गई तो आपको उसे बदलने में कम से कम 10-15 हजार रूपये खर्च करने पड़ेंगे। लेकिन आप थोड़ी सी सावधानी बरतकर इस खर्च से बच सकते हैं।
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न डालें नल का पानी
दरअसल कई घरों में लोग बैटरी का पानी चेक ही नहीं करते। कई लोग करते तो हैं लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि बैटरी में कौन सा पानी डालना चाहिए। बता दें कि बैटरी में नल का पानी या मिनरल वाटर डालने से वह डेड हो सकता है।
केवल डिस्टिल्ड वॉटर का करें उपयोग
आपको बता दें बैटरी में केवल डिस्टिल्ड वॉटर ही डलता है और उसका लेवल हमेशा मेंटेन रखना जरूरी होता है। अगर बैटरी में वॉटर लेवल कम हो जाता है तो बैटरी की प्लेट्स सूखने लग जाती हैं और डैमेज हो जाती हैं। इसलिए महीने में कम से कम दो बार वाटर लेवल जरूर चेक करें। गर्मियों में बैटरी का ज्यादा यूज होने से पानी जल्दी सूख जाता है, इसका भी ध्यान रखें।
आपको डिस्टिल्ड वॉटर किसी भी बैटरी की दुकान पर मिल जाएगा। बैटरी में पानी का लेवल कम होने पर उसमें डेढ़ से दो लीटर पानी लग जाता है। इसलिए घर में हमेशा 2-3 लीटर डिस्टिल्ड वॉटर जरूर रखें।