आखिर आपके फोन में कैसे पहुंचते हैं जासूसी वाले एप, कैस करें इनकी पहचान ?

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Sun, 03 Nov 2019 07:08 AM IST
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how spyware apps reach in your phone AND how can they be identified
spyware - फोटो : amar ujala

    व्हाट्सएप के जरिए भारत समेत दुनियाभर के 1,400 पत्रकारों और कार्यकर्ताओं की जासूसी को लेकर बवाल मचा हुआ है। व्हाट्सएप के कहना है कि इजरायस की एनएसओ नाम की कंपनी ने अपने पिगासस सॉफ्टवेयर (स्पाईवेयर) के जरिए इस जासूसी को अंजाम दिया है। व्हाट्सएप ने अपने एक बयान में कहा है कि व्हाट्सएप एप के कॉलिंग फीचर में एक कमी के कारण यह जासूसी हुई है। तो अब सवाल यह है कि आपके फोन में जासूसी वाले एप कैसे पहुंचते हैं और इनसे बचने के तरीके क्या-क्या हैं?

    क्या है स्पाईवेयर और उससे जुड़े खतरे?

    pegesus
    pegesus - फोटो : citizenlab

    पिगासस एक स्पाईवेयर है जो चुपके से किसी भी डिवाइस की जासूसी कर सकता है। पिगासस जैसे स्पाईवेयर यूजर्स की जानकारी के बिना उनके फोन में मौजूद रहते हैं और फोन में मौजूद गोपनीय जानकारी को हैकर्स तक आसानी से पहुंचाते हैं। आपके फोन में स्पाईवेयर है या नहीं इसका पता लगाने बहुत ही मुश्किल काम है। व्हाट्सएप वाले मामले को ही देखें तो इसमें किसी को भनक तक नहीं थी कि उनकी जासूसी हो रही है। इसकी जानकारी उन्हें तब हुई जब व्हाट्सएप ने खुद बताया।

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    फोन में कैसे होती है स्पाईवेयर की एंट्री?

    hacker
    hacker - फोटो : Lifewire

    आमतरौ पर किसी डिवाइस में स्पाईवेयर या मैलवेयर या जासूसी वाले सॉफ्टवेयर/एप को एक लिंक के जरिए इंस्टॉल किया जाता है। कई बार ये एप किसी थर्ड पार्टी एप के जरिए आते हैं। बता दें कि जब भी आप किसी एप को फोन में इंस्टॉल करते हैं तो वह यूजर्स से लाइसेंस देने के लिए एग्री बटन पर क्लिक करवाता है। एग्री पर क्लिक नहीं करने पर ये एप इंस्टॉल नहीं होते हैं। एग्री पर क्लिक करने के साथ ही इन एप को आप कैमरा, माइक्रोफोन, मैसेज जैसे कई सारे एप्स का एक्सेस दे देते हैं। इसके बाद ही इन थर्ड पार्टी एप के जरिए आपके फोन में स्पाईवेयर पहुंचते हैं। इसके अलावा स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर गेमिंग और पॉर्न साइट के जरिए आपके फोन तक पहुंचते हैं।

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    कैसे करें स्पाईवेयर की पहचान?

    Android Malware
    Android Malware

    यदि आपका फोन बार-बार क्रैश हो रहा है या कोई एप बार-बार हैंग या क्रैश हो रहा है तो सावधान हो जाएं। इसके अलावा यदि आपके फोन में कोई ऐसा फोल्डर दिख रहा है जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं हो तो भी आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। यदि आपको लगता है कि आपके फोन में कोई संदिग्ध एप है जिसे आप इंस्टॉल नहीं किया है तो सबसे पहले फोन का इंटरनेट कनेक्शन बंद करें और इसके बाद उस एप का डाटा क्लियर करने के बाद उस एप को डिलीट करें।

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