Tips: बारिश में कूलर क्यों देने लगता है चिपचिपी हवा? जानिए सिर्फ 300 रुपये की ट्रिक से ठंडक बढ़ाने का तरीका

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 08 Jul 2026 09:23 PM IST
सार

मानसून आते ही कई घरों में कूलर ठंडी हवा देने के बजाय उमस बढ़ाने लगता है। इसकी वजह कूलर की खराबी नहीं, बल्कि कमरे का खराब एयर सर्कुलेशन होता है। जानिए क्यों बारिश के मौसम में कूलर की कूलिंग कम हो जाती है और सिर्फ 300 रुपये की आसान ट्रिक से इसे कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।

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बारिश में कूलर क्यों हो जाता है फेल? - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    जून और जुलाई में मानसून की दस्तक के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगता है। तेज और सूखी गर्मी की जगह हवा में नमी बढ़ जाती है। ऐसे में अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनका कूलर पहले जैसी ठंडी हवा नहीं दे रहा। कई बार तो कूलर से निकलने वाली हवा कमरे को ठंडा करने के बजाय और ज्यादा चिपचिपा बना देती है।

    अधिकांश लोगों को लगता है कि कूलर खराब हो गया है, जबकि असल वजह कुछ और होती है। दरअसल, समस्या कूलर में नहीं बल्कि कमरे के एयर सर्कुलेशन में होती है। अच्छी बात यह है कि इसे महंगे उपकरण के बिना भी काफी हद तक सुधारा जा सकता है।

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    बारिश में कूलर की कूलिंग क्यों कम हो जाती है?

    एयर कूलर इवैपोरेटिव कूलिंग (Evaporative Cooling) तकनीक पर काम करता है। इसमें बाहर की अपेक्षाकृत सूखी हवा, पानी से भीगे कूलिंग पैड से गुजरती है और ठंडी होकर कमरे में पहुंचती है।

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    लेकिन बारिश के मौसम में हवा में पहले से ही काफी नमी मौजूद होती है। ऐसे में कूलर से निकलने वाली नम हवा कमरे में जमा होने लगती है। अगर उस हवा के बाहर निकलने का रास्ता नहीं होता, तो कमरे की नमी लगातार बढ़ती जाती है। इसका असर यह होता है कि पसीना सूखना बंद हो जाता है, हवा भारी महसूस होती है और कूलर की ठंडक भी कम लगने लगती है। यानी समस्या कूलर की नहीं, बल्कि क्रॉस वेंटिलेशन (Cross Ventilation) की कमी की होती है।300 रुपये की आसान ट्रिक कैसे करेगी काम?बाजार में मिलने वाले डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier) कमरे की नमी कम करने में मदद करते हैं, लेकिन इनकी कीमत 10 से 15 हजार रुपये तक हो सकती है। अगर इतना खर्च नहीं करना चाहते, तो एक छोटा एग्जॉस्ट फैन भी काफी मददगार साबित हो सकता है। इसकी कीमत करीब 300 रुपये से शुरू हो जाती है।

    ऐसे करें इस्तेमाल1. कूलर की पोजीशन सही रखें

    कूलर को पूरी तरह कमरे के अंदर रखने की बजाय कोशिश करें कि उसका अधिकांश हिस्सा खिड़की या दरवाजे की तरफ रहे, ताकि वह बाहर की ताजा हवा खींच सके।

    2. हवा निकलने का रास्ता बनाएं

    कमरे के उस हिस्से की पहचान करें जो कूलर से सबसे दूर हो। अगर वहां छोटी खिड़की या रोशनदान है, तो वहीं एग्जॉस्ट फैन लगाएं।

    3. एग्जॉस्ट फैन बाहर की ओर हवा फेंके

    ध्यान रखें कि एग्जॉस्ट फैन कमरे की हवा को बाहर निकालने की दिशा में लगा हो। इससे कमरे में जमा गर्म और नम हवा लगातार बाहर निकलती रहेगी।कैसे मिलेगा फायदा?जब कूलर और एग्जॉस्ट फैन एक साथ चलते हैं, तो कमरे में एयर फ्लो बेहतर हो जाता है। कूलर बाहर की ठंडी हवा अंदर भेजता है, जबकि एग्जॉस्ट फैन अंदर मौजूद गर्म और नम हवा को बाहर निकाल देता है।

    इस प्रक्रिया से कमरे में हवा का दबाव संतुलित रहता है, नमी जमा नहीं होती और ठंडी हवा लगातार बहती रहती है। बेहतर क्रॉस वेंटिलेशन की वजह से कूलर की एयर थ्रो भी पहले के मुकाबले ज्यादा प्रभावी महसूस होती है।इन बातों का भी रखें ध्यान

    कमरे के सभी दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह बंद न रखें।कूलिंग पैड की नियमित सफाई करें।कूलर में साफ पानी का इस्तेमाल करें।समय-समय पर पंप और फैन की जांच भी करते रहें।

    अगर बारिश के मौसम में आपका कूलर पहले जैसा प्रदर्शन नहीं कर रहा है, तो नया AC खरीदने से पहले कमरे के एयर सर्कुलेशन को बेहतर बनाने की कोशिश करें। कई बार सिर्फ सही वेंटिलेशन ही कूलर की कूलिंग में बड़ा अंतर ला सकता है।

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