Who-Fi: आ गई अनोखी टेक्नोलॉजी, अब कैमरे के बिना होगी आपकी पहचान, जानिए काम करने का तरीका
Who-Fi एक उन्नत और प्रयोगात्मक तकनीक है जो किसी भी कैमरा या विजुअल इनपुट के बिना व्यक्ति की पहचान करने और उसकी गतिविधियों को ट्रैक करने में सक्षम है। यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करती है और इसे एक बायोमेट्रिक स्कैनर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, जो सामान्य Wi-Fi सिग्नल को इंसानों की पहचान और निगरानी के लिए उपयोगी बना देता है।

विस्तार
अभी तक किसी की पहचान के लिए कैमरे की जरूरत होती है लेकिन अब यह कॉन्सेप्ट बदलने वाला है। अब Who-Fi के जरिए किसी भी व्यक्ति की पहचान हो सकेगी। Who-Fi एक उन्नत और प्रयोगात्मक तकनीक है जो किसी भी कैमरा या विजुअल इनपुट के बिना व्यक्ति की पहचान करने और उसकी गतिविधियों को ट्रैक करने में सक्षम है। यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करती है और इसे एक बायोमेट्रिक स्कैनर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, जो सामान्य Wi-Fi सिग्नल को इंसानों की पहचान और निगरानी के लिए उपयोगी बना देता है।
arXiv नामक ऑनलाइन जर्नल में प्रकाशित शोध पत्र के अनुसार, साधारण 2.4GHz वाई-फाई सिग्नल का उपयोग करके किसी व्यक्ति की स्थिति (location) और गतिविधि (movement) को ट्रैक किया जा सकता है और व्यक्ति की बायोमेट्रिक पहचान भी की जा सकती है।
इस सिस्टम में वाई-फाई सिग्नल और एक ट्रांसफॉर्मर-आधारित न्यूरल नेटवर्क (LLM) का संयोजन होता है। यह सिस्टम वाई-फाई सिग्नल में होने वाले बदलावों को पढ़ता है, जिन्हें चैनल स्टेट इंफॉर्मेशन (CSI) कहा जाता है। जब कोई व्यक्ति वाई-फाई क्षेत्र में चलता है, तो उसकी देह से टकराकर सिग्नल का रास्ता बदलता है। यह बदलाव एक अनोखा पैटर्न बनाता है, जो किसी के फिंगरप्रिंट या रेटिना की तरह विशिष्ट होता है।
- Shengjia Zhao: Meta ने चैटजीपीटी के सह-निर्माता को बनाया चीफ साइंटिस्ट, जकरबर्ग ने दी जानकारी
- Meta Ads: Meta अक्टूबर से यूरोपीय संघ में बंद करेगा राजनीतिक विज्ञापन, नए नियमों को ठहराया जिम्मेदार
- ChatGPT Agent: चैटजीपीटी एजेंट हुआ रिलीज, सप्ताह भर की देरी के बाद शुरू हुआ रोलआउट
- Shutdown: 25 अगस्त को बंद हो जाएगी गूगल की यह सर्विस, कंटेंट क्रिएटर्स हो जाएंगे परेशान