डिजिटल अरेस्ट: सेवानिवृत्त जीएम को 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 52 लाख ठगे, आप ना करें ऐसी गलती
डिजिटल अरेस्ट का ताजा मामला नोएडा से जुड़ा है। साइबर जालसाजों ने भारतीय रेलवे के सेवानिृवत्त जीएम को 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 52.50 लाख रुपये की ठगी की। जालसाजों ने ताइवान भेजे गए पार्सल में ड्रग्स, अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से संबंध और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर वारदात की।

विस्तार
सरकार ने देश में तेजी से बढ़ी रही डिजिटल अरेस्ट और ब्लैकमेल की घटनाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हाल ही में 1,000 स्काइप आईडी को ब्लॉक किया है। बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। डिजिटल अरेस्ट का ताजा मामला नोएडा से जुड़ा है। साइबर जालसाजों ने भारतीय रेलवे के सेवानिृवत्त जीएम को 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 52.50 लाख रुपये की ठगी की।
जालसाजों ने ताइवान भेजे गए पार्सल में ड्रग्स, अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से संबंध और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर वारदात की। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही हैं लेकिन आपके लिए यह जानना बहुत ही जरूरी है कि आखिर यह डिजिटल अरेस्ट होता क्या है और इससे बचने का तरीका क्या है?
डिजिटल अरेस्ट ब्लैकमेल करने का एक एडवांस तरीका है। डिजिटल अरेस्ट स्कैम के शिकार वही लोग होते हैं जो अधिक पढ़े लिखे और अधिक होशियार होते हैं। डिजिटल अरेस्ट का सीधा मतलब ऐसा है कि कोई आपको ऑनलाइन धमकी देकर वीडियो कॉलिंग के जरिए आप पर नजर रख रहा है। डिजिटल अरेस्ट के दौरान साइबर ठग नकली पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को धमकाते हैं और अपना शिकार बनाते हैं।
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