Dark Pattern Scam: सरकार लगाएगी लगाम, विस्तार से जानें आखिर क्या है यह और आपको कैसे बनाया जाता है शिकार?

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 27 Oct 2023 07:45 PM IST
सार

ई-कॉमर्स कंपनियां दावा करती हैं कि फलां प्रोडक्ट पर 70 परसेंट की छूट मिल रही है। यह छूट प्रोडक्ट के एमआरपी के हिसाब से होता है, जबकि हकीकत यह है कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट एमआरपी पर बिकता ही नहीं है।

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What is dark pattern Consumer affairs dept asks online platforms to not use it
dark pattern - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    आपमें से कई लोग ऑनलाइन शॉपिंग अक्सर करते होंगे। कई लोग ऐसे होंगे जो रेगुलर तो नहीं लेकिन कभी-कभार ऑनलाइन शॉपिंग तो करते ही होंगे। ऑनलाइन शॉपिंग में ग्राहकों को लुभाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियां डार्क पैटर्न (Dark Pattern) का इस्तेमाल करती हैं जो कि एक तरह का स्कैम है। अब सरकार इस पर रोक लगाने की तैयारी में है।

    सरकार एक ऐसे एप या सॉफ्टवेयर को तैयार करने जा रही है जिससे डार्क पैटर्न पर रोक लगाई जा सके। सरकार ने इससे निपटने के लिए डार्क पैटर्न बस्टर हैकथॉन लॉन्च की है जिसका आयोजन 17 फरवरी, 2024 को वाराणसी के आईआईटी-बीएचयू में होगा। इसके तहत पांच विजेता टीमों को उपलब्धि प्रमाण पत्र के साथ 10 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर यह डार्क पैटर्न क्या है और ई-कॉमर्स कंपनियां इसकी मदद से आपको किस तरह गुमराह करती हैं।

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    बहुत ही आसान शब्दों में हम आपको डार्क पैटर्न समझाने की कोशिश करेंगे। डार्क पैटर्न एक ऐसा तरीका है जिससे ग्राहकों को गुमराह किया जाता है। उदाहरण के तौर पर फ्लिपकार्ट और अमेजन पर जब आप कोई प्रोडक्ट सर्च करते हैं तो उसकी कीमत कुछ और दिखती है लेकिन जैसे ही आप अपने अकाउंट को लॉगिन करते हैं तो कीमत अलग हो जाती है। दूसरा उदाहरण देखें तो ई-कॉमर्स कंपनियां दावा करती हैं कि फलां प्रोडक्ट पर 70 परसेंट की छूट मिल रही है। यह छूट प्रोडक्ट के एमआरपी के हिसाब से होता है, जबकि हकीकत यह है कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट एमआरपी पर बिकता ही नहीं है।

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