दूरसंचार विधेयक 2023: होने जा रहे हैं ये 10 बड़े बदलाव, तीन साल की जेल और 50 लाख जुर्माने का भी प्रावधान

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 22 Dec 2023 11:20 AM IST
सार

यह नया विधेयक भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885, भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम 1933 और टेलीग्राफ तार (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम 1950 की जगह लेगा। आइए 10 प्वाइंट में समझते हैं कि आखिर यह टेलीकॉम बिल क्या है और इसका क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

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Telecom Bill 2023 10 biggest impact it will have on mobile users and telecom companies
Telecom Bill 2023 In Hindi - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी दूरसंचार विधेयक 2023 ( Telecommunications Bill 2023) पारित हो गया है। इस विधेयक के तहत ही उपग्रह स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए गैर-नीलामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। दूरसंचार विधेयक 2023 को राज्यसभा ने ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। यह विधेयक केंद्र सरकार को किसी भी सार्वजनिक आपातकाल की स्थिति में या सार्वजनिक सुरक्षा के हित में दूरसंचार नेटवर्क को अपने कंट्रोल में लेने की अनुमति देता है। यह नया विधेयक भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885, भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम 1933 और टेलीग्राफ तार (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम 1950 की जगह लेगा। आइए 10 प्वाइंट में समझते हैं कि आखिर यह टेलीकॉम बिल क्या है और इसका क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

    फर्जी सिम कार्ड जारी करने पर रोक लगाने के लिए बिल में सख्त प्रावधान हैं। किसी भी तरह के सिम कार्ड फ्रॉड करने पर तीन साल की जेल और जुर्माना लगेगा। बिल के तहत सिम कार्ड बेचने, खरीदने और इस्तेमाल करने पर भी तीन साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। सिम बेचने के लिए बायोमेट्रिक डाटा लिया जाएगा उसके बाद ही सिम जारी होगा।

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    सिम कार्ड क्लोन करने या किसी और के सिम कार्ड का दुरूपयोग करना अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। आपको बता दें कि देश में सिम कार्ड क्लोनिंग को लेकर काफी मामले सामने आ रहे हैं। आए दिन लोगों के सिम कार्ड को क्लोन करके लोगों के खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं।

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