आपके घर के बाहर लगेगी स्मार्ट नेम प्लेट, एक क्लिक में कर सकेंगे बिजली के बिल और टैक्स का भुगतान

आज के समय में तकनीक ने हमारे जीवन पर ऐसा प्रभाव डाला है, जिससे हमें किसी भी कार्य को करने में दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता है। वहीं, देश को तेजी से विकास की ओर ले जाते हुए भारत सरकार अब जल्द ही 100 स्मार्ट शहर बनाने जा रही हैं।
इस योजना के तहत सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट नेम प्लेट (Smart Name Plate) लगाएगी। साथ ही लोगों को इसमें क्यूआर कोड का सपोर्ट भी मिलेगा। इस कोड में परिवार के सदस्यों, बिजली का बिल और टैक्स जैसी जानकारियां होंगी। इसके अलावा बिल का ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे।
इस खास टेक्नोलॉजी वाली नेम प्लेट को देश की दिग्गज टेक कंपनी स्मार्ट सीटी ने तैयार किया है। यूजर्स मोबाइल एप के जरिए क्यूआर कोड को स्कैन कर घर से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। वहीं, उज्जैन के एक लाख से ज्यादा घरों में इलेक्ट्रॉनिक नेम प्लेट लगाने का कार्य भी शुरू हो चुका है। इतना ही नहीं मकानों में कचरा लेने वालों को भी क्यूआर कोड स्कैन करना पड़ेगा, क्योंकि इससे कचरा लेने या नहीं लेने का डाटा दर्ज होगा। इसके अलावा लोगों को कचरे की गाड़ी की लोकेशन मिल जाएगी।
इस नेम प्लेट से लोगों की संपत्ति की जानकारी मिलेगी। वहीं, कंपनी के मुख्य अधिकारी ने कहा है कि इस डिवाइस के यूजर्स बिल और टैक्स का ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे। उन्होंने आगे कहा है कि इस नेम प्लेट को बनाने में 500 रुपये की लागत आई है।
रेट्रोफिटिंग, री-डेवलपमेंट और ग्रीन फील्ड के जरिए स्मार्ट सीटी को बनाया जाएगा। पहले चरण रेट्रोफिटिंग की बात करें तो बसे हुए शहर को दोबारा बसाया जाएगा। साथ ही दूसरे चरण री-डेवलपमेंट में सरकार शहर को स्मार्ट (हर कोने में मिलेगा हाई स्पीड डाटा) बनाएगी। वहीं, तीसरे चरण फील्ड डेवल्पमेंट में आस-पास का इलाका शहर का साथ जुडेगा।
भारत सरकार इस योजना के तहत स्मार्ट शहर में 24 घंटा बिजली-पानी और बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा देगी। इसके साथ ही शिक्षा, कचरे का समाधान, महिलाओं की सुरक्षा और पर्यावरण का ख्याल रखा जाएगा।
- जिस सॉफ्टवेयर से हैक हुआ WhatsApp, उसकी कीमत 56 करोड़ से भी ज्यादा
- WhatsApp जासूसी कांड: आरोपी कंपनी NSO ने अपनी सफाई में क्या कहा, अबतक क्या-क्या हुआ?
- फोन नहीं उठाने पर भी इंस्टॉल हो जाता है Pegasus Spyware
- WhatsApp की जासूसी: सरकार ने पूछा- पहले क्यों नहीं बताया, कंपनी ने कहा- मई में ही सौंपी थी रिपोर्ट